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वन आरक्षियों की प्रमुख वन संरक्षक से वार्ता विफल आज भी प्रदेश भर

Wed, 28 Mar 2018 02:27 AM IST
Updated Wed, 28 Mar 2018 02:27 AM IST
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वन आरक्षियों की प्रमुख वन संरक्षक से वार्ता विफल   आज भी प्रदेश भर
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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वन दारोगा के 33 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती का विरोध कर रहे उत्तराखंड वन आरक्षी संघ से जुडे़ 2400 वन आरक्षी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पर गए वन आरक्षियों ने प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। इसके बाद प्रमुख वन संरक्षक जयराज के साथ वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान न निकलने पर आरक्षी संघ ने बुधवार को भी हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है।
वन आरक्षी संघ दो सूत्री मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से धरने पर है। वन आरक्षियों ने मंगलवार प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वन दारोगा के सीधी भर्ती के प्रस्ताव से वन आरक्षियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है। ऐसे में इस प्रस्ताव को निरस्त कर पूर्व की व्यवस्था बहाल की जाए। मांगों पर जल्द ही कोई निर्णय न लिया गया तो कार्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के मुख्य गेट पर तालाबंदी की जाएगी। आरक्षी संघ के प्रदेश महामंत्री अनिल पंवार ने कहा कि मंगलवार को प्रमुख वन संरक्षक जयराज से हुई वार्ता में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला। इसके चलते हड़ताल जारी रखने का निर्णय किया गया है। प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र पांडे, शशि वर्धन अधिकारी, ललित हर्बोला, हरपाल सिंह गुसांई, बृजमोहन सिंह रावत, मुकेश बहुगुणा, गुरमीत सिंह, गोविंद सिंह, जमर सिंह नौटियाल आदि शामिल रहे।
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हड़ताल से खतरे में वन्य जीवों की सुरक्षा
देहरादून।
प्रदेश में वन्य जीवों एवं वनों की सुरक्षा का जिम्मा संभाले वन आरक्षियों के मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से वन्य जीवों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया हैं। वहीं वनों से अवैध पातन का भी खतरा बढ़ गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो गर्मियों में वन्य जीवों के अवैध शिकार का खतरा रहता है। इसके अलावा अवैध पातन की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में वन कर्मियों की मुस्तैदी की जरूरत होती है, लेकिन वन आरक्षियों की बेमियादी हड़ताल से कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर टाइगर रिजर्व, कालागढ़ टाइगर रिजर्व, लैंसडाउन, कालसी, हरिद्वार, राजाजी टाइगर रिजर्व, शिवालिक वृत्त, नरेंद्रनगर वन प्रभाग, भागीरथी वृत्त, रामनगर वन प्रभाग, हल्द्वानी वन प्रभाग, चंपावत वन प्रभाग, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क सहित प्रदेशभर के वन्य जीवों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज का कहना है कि वन आरक्षियों का समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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