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एसजीआरआर विवि को यूजीसी से मान्यता
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। एसजीआरआर विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मान्यता दे दी है। विवि को यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2 एफ के तहत मान्यता का पत्र जारी कर दिया गया है। स्थापना के दो वर्ष के भीतर विवि को यह मान्यता मिली है।
विवि के कुलाधिपति श्रीमहंत देवेंद्र दास ने कुलपति डॉ. पीताम्बर प्रसाद ध्यानी, फैकल्टी, टीचिंग-नॉन टीचिंग सदस्यों, स्टाफ और छात्र-छात्राओं को इसके लिए हार्दिक बधाई दी है। कुलपति डॉ. पीताम्बर प्रसाद ध्यानी ने बताया कि 27 जून 2017 को विवि की स्थापना हुई थी। उसके बाद इसी वर्ष मार्च में यूजीसी की टीम ने निरीक्षण किया था। 11 सदस्यीय इस टीम ने विवि की सभी सुविधाओं को परखने के बाद अपनी रिपोर्ट दी थी। यूजीसी की मान्यता मिलने के बाद अब एसजीआरआर विवि भारत सरकार और विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों से अनुदान हासिल कर सकेगा। यहां पढ़ रहे छात्रों के शोध को नए आयाम मिलेंगे।
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देहरादून। एसजीआरआर विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मान्यता दे दी है। विवि को यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2 एफ के तहत मान्यता का पत्र जारी कर दिया गया है। स्थापना के दो वर्ष के भीतर विवि को यह मान्यता मिली है।
विवि के कुलाधिपति श्रीमहंत देवेंद्र दास ने कुलपति डॉ. पीताम्बर प्रसाद ध्यानी, फैकल्टी, टीचिंग-नॉन टीचिंग सदस्यों, स्टाफ और छात्र-छात्राओं को इसके लिए हार्दिक बधाई दी है। कुलपति डॉ. पीताम्बर प्रसाद ध्यानी ने बताया कि 27 जून 2017 को विवि की स्थापना हुई थी। उसके बाद इसी वर्ष मार्च में यूजीसी की टीम ने निरीक्षण किया था। 11 सदस्यीय इस टीम ने विवि की सभी सुविधाओं को परखने के बाद अपनी रिपोर्ट दी थी। यूजीसी की मान्यता मिलने के बाद अब एसजीआरआर विवि भारत सरकार और विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों से अनुदान हासिल कर सकेगा। यहां पढ़ रहे छात्रों के शोध को नए आयाम मिलेंगे।
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