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अनुयायियों ने की अशोक शिलालेख की परिक्रमा
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
कालसी। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार को बौद्ध उत्सव मेला समिति के बैनर तले बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने कालसी स्थित अशोक शिलालेख की परिक्रमा कर भगवान बुद्ध के बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। परिक्रमा के बाद वन विश्राम गृह कालसी में संगोष्ठी आयोजित की गई।
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से बड़ी संख्या में आए बौद्ध अनुयायियों ने अशोक शिलालेख की परिक्रमा कर महात्मा बुद्ध के उपदेशों को पढ़कर जीवन में उनका अनुसरण करने का संकल्प लिया। इसके पश्चात आयोजित संगोष्ठी में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पी प्रसाद ने महात्मा बुद्ध के उपदेशों को वर्तमान परिदृश्य में अधिक प्रासंगिक बताते हुए कहा कि बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने से ही विश्व में शांति स्थापित हो सकती है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जेएस कुशवाहा ने कहा की महात्मा बुद्ध द्वारा दिखाए गए रास्ते का अनुसरण कर कर ही समाज में प्रेम सद्भावना एवं भाईचारे का वातावरण निर्मित किया जा सकता है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुवर्धन ने अशोक शिलालेख और उस पर अंकित उपदेशों की जानकारी दी।
इस दौरान उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राम सिंह सैनी, कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद गुरु दयाल सैनी, लाडवा हरियाणा के विधायक पवन सैनी, कल्पना सैनी, श्यामवीर सैनी, यशपाल सिंह सैनी, रविंद्र सैनी, गिरीश कुमार, संदीप सैनी, सुनील शर्मा, केके मौर्य आदि मौजूद रहे।
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कालसी। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार को बौद्ध उत्सव मेला समिति के बैनर तले बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने कालसी स्थित अशोक शिलालेख की परिक्रमा कर भगवान बुद्ध के बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। परिक्रमा के बाद वन विश्राम गृह कालसी में संगोष्ठी आयोजित की गई।
उत्तराखंड के विभिन्न जिलों सहित उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से बड़ी संख्या में आए बौद्ध अनुयायियों ने अशोक शिलालेख की परिक्रमा कर महात्मा बुद्ध के उपदेशों को पढ़कर जीवन में उनका अनुसरण करने का संकल्प लिया। इसके पश्चात आयोजित संगोष्ठी में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी पी प्रसाद ने महात्मा बुद्ध के उपदेशों को वर्तमान परिदृश्य में अधिक प्रासंगिक बताते हुए कहा कि बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने से ही विश्व में शांति स्थापित हो सकती है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जेएस कुशवाहा ने कहा की महात्मा बुद्ध द्वारा दिखाए गए रास्ते का अनुसरण कर कर ही समाज में प्रेम सद्भावना एवं भाईचारे का वातावरण निर्मित किया जा सकता है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुवर्धन ने अशोक शिलालेख और उस पर अंकित उपदेशों की जानकारी दी।
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इस दौरान उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राम सिंह सैनी, कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद गुरु दयाल सैनी, लाडवा हरियाणा के विधायक पवन सैनी, कल्पना सैनी, श्यामवीर सैनी, यशपाल सिंह सैनी, रविंद्र सैनी, गिरीश कुमार, संदीप सैनी, सुनील शर्मा, केके मौर्य आदि मौजूद रहे।
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