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उच्चीकृत विद्यालयों के नहीं बने भवन
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
साहिया। जौनसार बावर परगने में जूनियर हाईस्कूल से हाईस्कूल में उच्चीकृत हुए विद्यालयों के भवन कई वर्ष बीतने के बाद भी नहीं बन सके हैं। इससे यहां जूनियर हाईस्कूल के तीन कक्षों वाले पुराने भवनों में ही हाईस्कूल का संचालन किया जा रहा है।
भवन के अभाव में इन विद्यालयों में छात्रों को प्रयोगशाला और पुस्तकालय की सुविधा भी नहीं मिल रही है। साथ ही जूनियर स्तर के छात्र-छात्राओं के लिए मिड-डे मील के संचालन में भी दिक्कतें आ रही हैं। हाईस्कूल पंजिया और टिमरा के भवन निर्माण के लिए शासन से दो वर्ष पूर्व ही बजट स्वीकृत हो चुका था, लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक नए भवन के निर्माण के लिए भूमि चयन नहीं कर पाया है, जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो रहा है। वहीं, हाईस्कूल दातनू और उत्पाल्टा में पिछले पांच वर्ष से भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जबकि, हाईस्कूल समाल्टा, कनबुआ, कांडोईधार, कामला, क्यारी, गबेला, पिपाया के भवन निर्माण के लिए शासन स्तर से बजट ही स्वीकृत नहीं हुआ है।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया पिछले नौ वर्षों से जिला पंचायत के छह कमरों वाले भवन में संचालित हो रहा है। इन भवन विहीन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। उधर, खंड शिक्षाधिकारी आरएस राणा ने बताया कि विद्यालय भवनों से संबंधित वर्तमान स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को दी जा चुकी है। शासन से कार्रवाई का इंतजार है।
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साहिया। जौनसार बावर परगने में जूनियर हाईस्कूल से हाईस्कूल में उच्चीकृत हुए विद्यालयों के भवन कई वर्ष बीतने के बाद भी नहीं बन सके हैं। इससे यहां जूनियर हाईस्कूल के तीन कक्षों वाले पुराने भवनों में ही हाईस्कूल का संचालन किया जा रहा है।
भवन के अभाव में इन विद्यालयों में छात्रों को प्रयोगशाला और पुस्तकालय की सुविधा भी नहीं मिल रही है। साथ ही जूनियर स्तर के छात्र-छात्राओं के लिए मिड-डे मील के संचालन में भी दिक्कतें आ रही हैं। हाईस्कूल पंजिया और टिमरा के भवन निर्माण के लिए शासन से दो वर्ष पूर्व ही बजट स्वीकृत हो चुका था, लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक नए भवन के निर्माण के लिए भूमि चयन नहीं कर पाया है, जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो रहा है। वहीं, हाईस्कूल दातनू और उत्पाल्टा में पिछले पांच वर्ष से भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जबकि, हाईस्कूल समाल्टा, कनबुआ, कांडोईधार, कामला, क्यारी, गबेला, पिपाया के भवन निर्माण के लिए शासन स्तर से बजट ही स्वीकृत नहीं हुआ है।
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया पिछले नौ वर्षों से जिला पंचायत के छह कमरों वाले भवन में संचालित हो रहा है। इन भवन विहीन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। उधर, खंड शिक्षाधिकारी आरएस राणा ने बताया कि विद्यालय भवनों से संबंधित वर्तमान स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों के माध्यम से शासन को दी जा चुकी है। शासन से कार्रवाई का इंतजार है।
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