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प्रशिक्षु वन अधिकारियों ने ली बाढ़ सुरक्षा कार्यों की जानकारी
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे 40 अधिकारियों के दल ने शनिवार को आसन बैराज, रामपुर मंडी और यमुना नदी में हो रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों की जानकारी हासिल की। साथ ही उन्होंने प्रवासी पक्षियों के बारे में भी जानकारी जुटाई।
प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ आए केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. केएल आर्य ने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा कार्यों की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही आसन नमभूमि और आसपास के क्षेत्रों की जैव विविधता, पारिस्थितिकीय तंत्र के बारे में भी बताया गया। इससे उन्हें प्रदेश के जंगलों की संपूर्ण जानकारी हासिल हो सके। प्रशिक्षु अधिकारियों ने यमुना नदी के प्राकृतिक प्रवाह में हो रहे बदलाव के कारणों की जानकारी भी हासिल की। रामपुर मंडी में तैनात वन बीट अधिकारी और पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना ने प्रशिक्षुओं को आसन झील में आने वाले साइबेरियन और मध्य एशियाई देशों के परिंदों की जानकारी मुहैया कराई। साथ ही उन्हें पक्षियों की गणना करने की विधि भी बताई गई।
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वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे 40 अधिकारियों के दल ने शनिवार को आसन बैराज, रामपुर मंडी और यमुना नदी में हो रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों की जानकारी हासिल की। साथ ही उन्होंने प्रवासी पक्षियों के बारे में भी जानकारी जुटाई।
प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ आए केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. केएल आर्य ने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों को बाढ़ सुरक्षा कार्यों की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही आसन नमभूमि और आसपास के क्षेत्रों की जैव विविधता, पारिस्थितिकीय तंत्र के बारे में भी बताया गया। इससे उन्हें प्रदेश के जंगलों की संपूर्ण जानकारी हासिल हो सके। प्रशिक्षु अधिकारियों ने यमुना नदी के प्राकृतिक प्रवाह में हो रहे बदलाव के कारणों की जानकारी भी हासिल की। रामपुर मंडी में तैनात वन बीट अधिकारी और पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सक्सेना ने प्रशिक्षुओं को आसन झील में आने वाले साइबेरियन और मध्य एशियाई देशों के परिंदों की जानकारी मुहैया कराई। साथ ही उन्हें पक्षियों की गणना करने की विधि भी बताई गई।
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