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लोक गीतों की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
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ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
वीर शहीद फुनकू दास स्मारक समिति की ओर से शहीदों की याद में मंडी परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का पहला दिन स्थानीय कलाकारों के नाम रहा। महोत्सव में लोक गीतों की प्रस्तुति पर दर्शक जमकर झूमे। सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान ने किया।
उन्होंने कहा कि शहीदों की याद में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव नई पीढ़ी को इतिहास की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही संस्कृति को भी बढ़ावा देते हैं। सांस्कृतिक महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत स्थानीय लोक कलाकार भजन दास वर्मा ने वीर थे फुनकू दास, कलीराम हारुल... से की। वर्मा ने महासू वंदना देवा महासू चालदा, करुं तेरी सेवा, जै महासू देवा... से की। सुरेश राही की प्रस्तुति काई आंडो इनारके, हाथ दे बाढो दिए... पर दर्शक झूम उठे। साथ ही स्थानीय कलाकारों ने मोड़े रे मौड़ाई ऐ, खेले मोड़ाए.., बाजी जांदों बाणो ले मामा बाजी जांदों मामा... और बिडरू ना मानी रे मैने जाणों चुड़पुर... आदि गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान हुकम सिंह बिष्ट, सुभाष वर्मा, गोपाल सिंह चौहान, सुभाष भाटी, बालम सिंह चौहान, बलवीर सिंह राय, शांति वर्मा, मायाराम भट्ट, बलवीर सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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वीर शहीद फुनकू दास स्मारक समिति की ओर से शहीदों की याद में मंडी परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का पहला दिन स्थानीय कलाकारों के नाम रहा। महोत्सव में लोक गीतों की प्रस्तुति पर दर्शक जमकर झूमे। सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह चौहान ने किया।
उन्होंने कहा कि शहीदों की याद में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव नई पीढ़ी को इतिहास की जानकारी मुहैया कराने के साथ ही संस्कृति को भी बढ़ावा देते हैं। सांस्कृतिक महोत्सव के पहले दिन की शुरुआत स्थानीय लोक कलाकार भजन दास वर्मा ने वीर थे फुनकू दास, कलीराम हारुल... से की। वर्मा ने महासू वंदना देवा महासू चालदा, करुं तेरी सेवा, जै महासू देवा... से की। सुरेश राही की प्रस्तुति काई आंडो इनारके, हाथ दे बाढो दिए... पर दर्शक झूम उठे। साथ ही स्थानीय कलाकारों ने मोड़े रे मौड़ाई ऐ, खेले मोड़ाए.., बाजी जांदों बाणो ले मामा बाजी जांदों मामा... और बिडरू ना मानी रे मैने जाणों चुड़पुर... आदि गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान हुकम सिंह बिष्ट, सुभाष वर्मा, गोपाल सिंह चौहान, सुभाष भाटी, बालम सिंह चौहान, बलवीर सिंह राय, शांति वर्मा, मायाराम भट्ट, बलवीर सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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