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जौनसार में बर्फबारी से बढ़ी लोगों की दुश्वारियां
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ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
जौनसार में बारिश और बर्फबारी से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। कई स्थानों पर बर्फबारी से सड़के बंद हो गई हैं। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण लोखंडी और कोटी के बीच छह फीट तक बर्फ जमी है। इससे लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है।
बर्फबारी के कारण त्यूनी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग एक सप्ताह से बंद हैं। चकराता से कोटीकनासर तक बर्फ जमी होने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है। इसके अलावा कोटी से बायला पूरा मार्ग बंद हैं। साथ ही कोटी से बुल्हाड़, मशक से बीनसोन, बीनसोन से हटाड़, त्यूनी से रजाणु, चकराता से देववन, लोखंडी से लोहारी सहित कई मार्ग बंद हैं। इसमें कुछ मार्ग पिछले एक सप्ताह तो कुछ एक महीने से बंद हैं। इससे लोहारी, लेबरा, उदावां, मशक, हटाड़, सताड़, रजाणु, गौरछा, पिंगुआ, थलटा, कुनवा, पिंगुआ, कुनींग, कांडोई भरम, बेगी, बागी, बुल्हाड व बायला सहित तीस से अधिक गांवों के ग्रामीणों का सड़क मार्ग से संपर्क कटा हुआ है। लोखंडी लोहारी निवासी धूम सिंह चौहान व शेर सिंह चौहान ने बताया कि बर्फबारी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में राशन एवं अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीण इसे दूरदराज के क्षेत्रों से पीठ पर लादकर लाने को मजबूर हैं। वहीं, मशक के श्रीचंद चौहान व बुल्हाड के धनवीर सिंह ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा की जरूरी चीजों के लिए चकराता तक 40 किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है।
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ठिठुरनभरा हुआ मौसम
चकराता की आसपास की ऊंची चोटियों पर मंगलवार रात बर्फबारी और बुधवार को बारिश होने से मौसम ठिठुरनभरा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दिनों शादी का सीजन है, ऐसे में विवाह समारोह में शामिल होने के लिए लोगों को पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। वहीं, कुछ क्षेत्रों लेबरा, उदावां व लोखंडी में पेयजल समस्या भी बनी हुई है।
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जौनसार में बारिश और बर्फबारी से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। कई स्थानों पर बर्फबारी से सड़के बंद हो गई हैं। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण लोखंडी और कोटी के बीच छह फीट तक बर्फ जमी है। इससे लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है।
बर्फबारी के कारण त्यूनी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग एक सप्ताह से बंद हैं। चकराता से कोटीकनासर तक बर्फ जमी होने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित है। इसके अलावा कोटी से बायला पूरा मार्ग बंद हैं। साथ ही कोटी से बुल्हाड़, मशक से बीनसोन, बीनसोन से हटाड़, त्यूनी से रजाणु, चकराता से देववन, लोखंडी से लोहारी सहित कई मार्ग बंद हैं। इसमें कुछ मार्ग पिछले एक सप्ताह तो कुछ एक महीने से बंद हैं। इससे लोहारी, लेबरा, उदावां, मशक, हटाड़, सताड़, रजाणु, गौरछा, पिंगुआ, थलटा, कुनवा, पिंगुआ, कुनींग, कांडोई भरम, बेगी, बागी, बुल्हाड व बायला सहित तीस से अधिक गांवों के ग्रामीणों का सड़क मार्ग से संपर्क कटा हुआ है। लोखंडी लोहारी निवासी धूम सिंह चौहान व शेर सिंह चौहान ने बताया कि बर्फबारी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में राशन एवं अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीण इसे दूरदराज के क्षेत्रों से पीठ पर लादकर लाने को मजबूर हैं। वहीं, मशक के श्रीचंद चौहान व बुल्हाड के धनवीर सिंह ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा की जरूरी चीजों के लिए चकराता तक 40 किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ रही है।
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ठिठुरनभरा हुआ मौसम
चकराता की आसपास की ऊंची चोटियों पर मंगलवार रात बर्फबारी और बुधवार को बारिश होने से मौसम ठिठुरनभरा हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन दिनों शादी का सीजन है, ऐसे में विवाह समारोह में शामिल होने के लिए लोगों को पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। वहीं, कुछ क्षेत्रों लेबरा, उदावां व लोखंडी में पेयजल समस्या भी बनी हुई है।
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