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जौनसार बावर में ठंड का प्रकोप, नहीं जले अलाव
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ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
जौनसार-बावर का अधिकांश क्षेत्र इन दिनों शीत लहर और पाले की चपेट में है। लेकिन, प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लकड़ियों की व्यवस्था कराने की मांग की है।
जौनसार-बावर परगने का साहिया बाजार अमलावा नदी के दोनों ओर बसा है। नदी के किनारे होने के कारण यहां शीत लहर ज्यादा ही चलती है। ठंड से बचने के लिए तहसील प्रशासन स्थानीय लोगों को दो माह अलाव जलाने के लिए लकड़ियां उपलब्ध कराता था। लेकिन, पिछले दो सालों से तहसील प्रशासन ने अलाव जलाने के लिए लकड़ी मुहैया करानी बंद कर दी है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी कुंवर सिंह बिष्ट, ज्ञान सिंह राय, दीवान सिंह तोमर, मनीष चौहान, गंगा सिंह राय का कहना है कि प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने से लोगों को खुद के खर्च पर लकड़ियां खरीदनी पड़ रहीं हैं। शीतलहर व पाले के चलते सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अलाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। उधर, तहसीलदार कालसी शक्ति प्रसाद उनियाल ने बताया की शासन से पैसा नहीं मिलने के कारण अलाव के लिए लकड़ियां नहीं दी जा रहीं हैं। शासन से हर बार अलाव व्यवस्था करने के लिए बजट की मांग की जाती है। इस बार भी मांग की जा चुकी है।
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जौनसार-बावर का अधिकांश क्षेत्र इन दिनों शीत लहर और पाले की चपेट में है। लेकिन, प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लकड़ियों की व्यवस्था कराने की मांग की है।
जौनसार-बावर परगने का साहिया बाजार अमलावा नदी के दोनों ओर बसा है। नदी के किनारे होने के कारण यहां शीत लहर ज्यादा ही चलती है। ठंड से बचने के लिए तहसील प्रशासन स्थानीय लोगों को दो माह अलाव जलाने के लिए लकड़ियां उपलब्ध कराता था। लेकिन, पिछले दो सालों से तहसील प्रशासन ने अलाव जलाने के लिए लकड़ी मुहैया करानी बंद कर दी है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी कुंवर सिंह बिष्ट, ज्ञान सिंह राय, दीवान सिंह तोमर, मनीष चौहान, गंगा सिंह राय का कहना है कि प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने से लोगों को खुद के खर्च पर लकड़ियां खरीदनी पड़ रहीं हैं। शीतलहर व पाले के चलते सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अलाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। उधर, तहसीलदार कालसी शक्ति प्रसाद उनियाल ने बताया की शासन से पैसा नहीं मिलने के कारण अलाव के लिए लकड़ियां नहीं दी जा रहीं हैं। शासन से हर बार अलाव व्यवस्था करने के लिए बजट की मांग की जाती है। इस बार भी मांग की जा चुकी है।
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