{"_id":"5c167a97bdec2256f13a48da","slug":"15449770858-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांडवों को घरों में किया आमंत्रित, पूजा अर्चना कर की मनोकामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांडवों को घरों में किया आमंत्रित, पूजा अर्चना कर की मनोकामना
Updated Sun, 16 Dec 2018 09:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्णप्रयाग। विकासखंड के मैखुरा गांव में आयोजित पांडव नृत्य के तीसरे दिन ग्रामीणों ने पांडवों को घरों में आमंत्रित कर पूजा अर्चना की और सुख समृद्धि की कामना की।
रविवार सुबह पूजा अर्चना के बाद पांडव कांडा गांव पहुंचे। पांडवों के पश्वा सुनील, विजेंद्र, जयंती प्रसाद, मथुरा प्रसाद, सुनील मैखुरी, रामेश्वर प्रसाद और मुरली प्रसाद ने ढोल दमाऊं की थाप पर देवनृत्य किया। इस मौके पर पुजारी जगदंबा प्रसाद, रमेश चंद्र, रामेश्वर प्रसाद, गोपाल दत्त मैखुरी, जानकी प्रसाद, परमानंद मैखुरी सहित कई मौजूद थे। आदिबदरी के जुलगढ़ में छह दिवसीय पांडव लीला का समापन हुआ। नौबती के साथ पांडव दल ने ढोल दमाऊ व नृत्य किया। पांडवाणी गायक बचन सिंह और दयाल सिंह ने महाभारत की घटनाओं का वृत्तांत सुनाया। इस मौके पर समिति के सदस्य बलवंत भंडारी, जशवंत भंडारी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
रविवार सुबह पूजा अर्चना के बाद पांडव कांडा गांव पहुंचे। पांडवों के पश्वा सुनील, विजेंद्र, जयंती प्रसाद, मथुरा प्रसाद, सुनील मैखुरी, रामेश्वर प्रसाद और मुरली प्रसाद ने ढोल दमाऊं की थाप पर देवनृत्य किया। इस मौके पर पुजारी जगदंबा प्रसाद, रमेश चंद्र, रामेश्वर प्रसाद, गोपाल दत्त मैखुरी, जानकी प्रसाद, परमानंद मैखुरी सहित कई मौजूद थे। आदिबदरी के जुलगढ़ में छह दिवसीय पांडव लीला का समापन हुआ। नौबती के साथ पांडव दल ने ढोल दमाऊ व नृत्य किया। पांडवाणी गायक बचन सिंह और दयाल सिंह ने महाभारत की घटनाओं का वृत्तांत सुनाया। इस मौके पर समिति के सदस्य बलवंत भंडारी, जशवंत भंडारी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन