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अलकनंदा में डाला जा रहा ऑलवेदर रोड कटिंग का मलबा
Updated Sat, 15 Dec 2018 09:20 PM IST
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गोपेश्वर। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत इन दिनों बदरीनाथ हाईवे का हिल कटिंग कार्य चल रहा है, लेकिन एनएचआईडीसीएल की और से कटिंग का मलबा सीधे अलकनंदा में उड़ेला जा रहा है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर मलबा निस्तारण केंद्र बरसाती गदेरों के मुहाने पर ही बनाए गए हैं। यहां टनों मलबा निस्तारित किया जा रहा है, जिससे बरसात में निचले क्षेत्रों में दिक्कतें आ सकती हैं।
बदरीनाथ हाईवे पर इन दिनों एनएचआईडीसीएल की ओर से (राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास) नंदप्रयाग और चमोली के बीच हिल कटिंग कार्य किया जा रहा है। हिल कटिंग से निकले मलबे के निस्तारण के लिए नंदप्रयाग, सोनला, देवलीबगड़, मैठाणा, कुहेड़, चमोली, बिरही और कौड़िया के पास केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके बाद भी मलबा अलकनंदा में डाला जा रहा है। युद्धवीर सिंह, रामप्रसाद देवली और दिगंबर सिंह का कहना है कि मलबा नदी में डालने से बारिश के दिनों में नदी तट के गांवों को खतरा पैदा हो सकता है। पुरसाड़ी और सोनला में गदेरों के मुहाने पर बनाए गए मलबा निस्तारण केंद्र (डंपिंग जोन) में टनों मलबा डाला जा रहा है। एनएचआईडीसीएल देहरादून के महाप्रबंधक आरसी मिश्रा का कहना है कि परियोजना कार्य में जुटे ठेकेदारों को हिल कटिंग का मलबा निस्तारण केंद्र में डालने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ठेकेदारों की ओर से मलबा अलकनंदा में डाला जा रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बदरीनाथ हाईवे पर इन दिनों एनएचआईडीसीएल की ओर से (राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास) नंदप्रयाग और चमोली के बीच हिल कटिंग कार्य किया जा रहा है। हिल कटिंग से निकले मलबे के निस्तारण के लिए नंदप्रयाग, सोनला, देवलीबगड़, मैठाणा, कुहेड़, चमोली, बिरही और कौड़िया के पास केंद्र भी बनाए गए हैं। इसके बाद भी मलबा अलकनंदा में डाला जा रहा है। युद्धवीर सिंह, रामप्रसाद देवली और दिगंबर सिंह का कहना है कि मलबा नदी में डालने से बारिश के दिनों में नदी तट के गांवों को खतरा पैदा हो सकता है। पुरसाड़ी और सोनला में गदेरों के मुहाने पर बनाए गए मलबा निस्तारण केंद्र (डंपिंग जोन) में टनों मलबा डाला जा रहा है। एनएचआईडीसीएल देहरादून के महाप्रबंधक आरसी मिश्रा का कहना है कि परियोजना कार्य में जुटे ठेकेदारों को हिल कटिंग का मलबा निस्तारण केंद्र में डालने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ठेकेदारों की ओर से मलबा अलकनंदा में डाला जा रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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