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सुदंरता से भरपूर, पर्यटकों की नजरों से दूर
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:12 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक का कंथोलीसैंण बुग्याल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है लेकिन अभी तक पर्यटकों की नजरों से दूर है। ग्रामीणों ने यहां के पर्यटक स्थलों को पर्र्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और यहां सुविधाएं जुटाने की मांग उठाई।
कनखुल तल्ला के प्रधान भगवान सिंह कंडवाल, खिलदेव सिंह रावत और रणवीर सिंह कंडवाल आदि का कहना है कि ब्लाक मुख्यालय से नैनीसैंण मोटर मार्ग पर 15 किमी आगे कनखुल से तीन किमी की पैदल दूरी पर कंथोलीसैंण बुग्याल है। डेढ़ किमी से अधिक क्षेत्र में फैले मखमली बुग्याल सदियों में बर्फ से ढके रहते हैं। चारों ओर हिम शिखरों के दर्शन से यहां की सुंदरता मनमोहक है। ऐसे में यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी तक यहां सड़क सुविधा नहीं है। यही नहीं क्षेत्र के छांतेश्वर महादेव, श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर जैसे धार्मिक स्थल और नैनीसैंण भी सुंदरता से भरपूर हैं लेकिन यह क्षेत्र अभी पर्यटकों की नजरों से ओझल हैं। उन्होंने कहा यदि इस क्षेत्र के पर्यटन स्थल पर्यटन मानचित्र पर स्थापित हो जाए और यहां सभी मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएं तो यह बेहतरीन स्थल बन सकेगा। जनप्रतिनिधियों ने पर्यटन विभाग से यहां के पर्यटन स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की मांग की। जिला पर्यटन अधिकारी विजेंद्र पांडे का कहना है कि जिले के सभी लोकल पर्यटन स्थलों चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
कनखुल तल्ला के प्रधान भगवान सिंह कंडवाल, खिलदेव सिंह रावत और रणवीर सिंह कंडवाल आदि का कहना है कि ब्लाक मुख्यालय से नैनीसैंण मोटर मार्ग पर 15 किमी आगे कनखुल से तीन किमी की पैदल दूरी पर कंथोलीसैंण बुग्याल है। डेढ़ किमी से अधिक क्षेत्र में फैले मखमली बुग्याल सदियों में बर्फ से ढके रहते हैं। चारों ओर हिम शिखरों के दर्शन से यहां की सुंदरता मनमोहक है। ऐसे में यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी तक यहां सड़क सुविधा नहीं है। यही नहीं क्षेत्र के छांतेश्वर महादेव, श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर जैसे धार्मिक स्थल और नैनीसैंण भी सुंदरता से भरपूर हैं लेकिन यह क्षेत्र अभी पर्यटकों की नजरों से ओझल हैं। उन्होंने कहा यदि इस क्षेत्र के पर्यटन स्थल पर्यटन मानचित्र पर स्थापित हो जाए और यहां सभी मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएं तो यह बेहतरीन स्थल बन सकेगा। जनप्रतिनिधियों ने पर्यटन विभाग से यहां के पर्यटन स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की मांग की। जिला पर्यटन अधिकारी विजेंद्र पांडे का कहना है कि जिले के सभी लोकल पर्यटन स्थलों चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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