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कत्थक व भोटिया नृत्य ने लूटी वाहवाही
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:11 PM IST
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गोपेश्वर। जीआईसी का दो दिवसीय वार्षिकोत्सव समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ। इस दौरान छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कत्थक और भोटिया नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
विद्यालय प्रांगण में समारोह का शुभारंभ हंस फाउंडेशन के गढ़वाल प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट ने किया। उन्होंने छात्राओं को पठन-पाठन के साथ ही खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य ममता शाह ने विद्यालय की वार्षिक आख्या पढ़ीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1965 में जीजीआईसी की स्थापना हुई थी। विद्यालय की ओर से पहली बार वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय की चहारदीवारी और विद्यालय भवनों के पीछे से हो रहे भूस्खलन के ट्रीटमेंट पर जोर दिया। इससे पूर्व छात्राओं ने सबसे पहले सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद फ्यूंलड़िया त्वे देखिक..., भाग्यानी बौ... जैसे गानों की शानदार प्रस्तुति दी। कत्थक और भोटिया नृत्य में छात्राओं ने खूब तालियां बटोरी। बाल वैज्ञानिकों ने विज्ञान प्रदर्शनी भी आयोजित की। इस मौके पर बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रेम बल्लभ भट्ट, बार संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट, उत्तराखंड पब्लिक स्कूल के संस्थापक एफएस रावत, एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डा. सुमन ध्यानी, चित्रकार मुकुंद पुरोहित, मुरारी लाल, सुरेंद्र लिंगवाल आदि मौजूद थे।
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विद्यालय प्रांगण में समारोह का शुभारंभ हंस फाउंडेशन के गढ़वाल प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट ने किया। उन्होंने छात्राओं को पठन-पाठन के साथ ही खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान किया। प्रधानाचार्य ममता शाह ने विद्यालय की वार्षिक आख्या पढ़ीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1965 में जीजीआईसी की स्थापना हुई थी। विद्यालय की ओर से पहली बार वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय की चहारदीवारी और विद्यालय भवनों के पीछे से हो रहे भूस्खलन के ट्रीटमेंट पर जोर दिया। इससे पूर्व छात्राओं ने सबसे पहले सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद फ्यूंलड़िया त्वे देखिक..., भाग्यानी बौ... जैसे गानों की शानदार प्रस्तुति दी। कत्थक और भोटिया नृत्य में छात्राओं ने खूब तालियां बटोरी। बाल वैज्ञानिकों ने विज्ञान प्रदर्शनी भी आयोजित की। इस मौके पर बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रेम बल्लभ भट्ट, बार संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट, उत्तराखंड पब्लिक स्कूल के संस्थापक एफएस रावत, एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डा. सुमन ध्यानी, चित्रकार मुकुंद पुरोहित, मुरारी लाल, सुरेंद्र लिंगवाल आदि मौजूद थे।
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