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थराली के लाल ने बढ़ाया क्षेत्र का मान
Updated Mon, 19 Nov 2018 10:03 PM IST
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थराली। चमोली जिले के मनोज थपलियाल प्रतिष्ठित डेल कंपनी के निदेशक बने हैं। उन्होंने सोमवार को डेल कंपनी में निदेशक पद पर कार्यभार ग्रहण किया है।
मूलरूप से सुनाऊं मल्ला निवासी मनोज थपलियाल के माता-पिता केदारबगड़ थराली में रहते हैं। मनोज के पिता नंदराम थपलियाल सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं जबकि मां गृहणी हैं। नंदराम थपलियाल ने बताया कि मनोज एक सप्ताह पूर्व ही न्यूयार्क से भारत लौटे हैं और परिवार सहित बंगलूरू में रह रहे हैं। मनोज ने रविवार शाम को दूरभाष पर बताया कि वह डेल कंपनी के निदेशक पद पर चयनित हुए हैं और सोमवार को बंगलूरू में कार्यभार संभालेंगे। इससे पूर्व मनोज अमेरिका के न्यूयार्क में अमेरिकन वेस्टर्न डिजीटन कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। नंदराम ने बताया कि मनोज की प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर ग्वालदम में हुई। राजकीय इंटर कालेज थराली से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट करने के बाद राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारहाट से बीटेक किया। वर्ष 1998 में बीटेक करने के बाद मनोज ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमटेक किया। मनोज ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान देहरादून में वैज्ञानिक पद पर भी काम किया। मनोज ने जर्मन कंपनी सिमेन्स, दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग में ऊंचे ओहदों पर भी काम किया है।
मूलरूप से सुनाऊं मल्ला निवासी मनोज थपलियाल के माता-पिता केदारबगड़ थराली में रहते हैं। मनोज के पिता नंदराम थपलियाल सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं जबकि मां गृहणी हैं। नंदराम थपलियाल ने बताया कि मनोज एक सप्ताह पूर्व ही न्यूयार्क से भारत लौटे हैं और परिवार सहित बंगलूरू में रह रहे हैं। मनोज ने रविवार शाम को दूरभाष पर बताया कि वह डेल कंपनी के निदेशक पद पर चयनित हुए हैं और सोमवार को बंगलूरू में कार्यभार संभालेंगे। इससे पूर्व मनोज अमेरिका के न्यूयार्क में अमेरिकन वेस्टर्न डिजीटन कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। नंदराम ने बताया कि मनोज की प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर ग्वालदम में हुई। राजकीय इंटर कालेज थराली से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट करने के बाद राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारहाट से बीटेक किया। वर्ष 1998 में बीटेक करने के बाद मनोज ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमटेक किया। मनोज ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान देहरादून में वैज्ञानिक पद पर भी काम किया। मनोज ने जर्मन कंपनी सिमेन्स, दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग में ऊंचे ओहदों पर भी काम किया है।