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आईसीयू में भर्ती मरीज की तरह हुई गंगा की हालत : राजेंद्र
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, श्यामपुर। गंगा की स्थिति आईसीयू में भर्ती किसी बीमार व्यक्ति जैसी हो गई है। हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि मानो हृदय रोग से पीड़ित मरीज का इलाज कोई दंत चिकित्सक कर रहा हो। पूरे सरकारी तंत्र में नीति निर्धारकों का रवैया इसी तरह गैर जिम्मेदाराना है। यह बात जल पुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने कही। वे बुधवार को अमितग्राम में एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। अमितग्राम में उन्होंने स्वराज मुक्ति आंदोलन कार्यालय का उद्घाटन भी किया।
इस अवसर पर उन्होंने प्रोफेसर जेपी सिंह की लिखी पुस्तक राष्ट्रवाद का विमोचन भी किया। जल पुरुष ने कहा कि गंगा के पानी में 17 बीमारियों का इलाज संभव था मगर, गंगा की स्थिति सतत बिगड़ रही है। जगह-जगह पहुंची गंगा यात्रा के बाद लोगों ने बताया कि अब गंगा जल 15 दिन में ही खराब होने लगता है। पहले घरों में गंगा जल रखने पर वो कभी खराब नहीं होता था। ऐसी स्थिति क्यों है, इस पर मंथन करने की जरूरत है। गंगा का इंवायरमेंट फ्लो का नोटिफिकेशन तो किया गया, लेकिन पहले जरूरत गंगा को ए, बी, सी, डी किस श्रेणी की है उसमें विभक्त करने की थी। उसके बाद जिस श्रेणी की है वैसा ही ट्रीटमेंट होना चाहिए।
सरकार ने नहीं मानी स्वामी सानंद की बात
मैग्सेस पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामी सानंद के जीते जी और मरने के बाद भी उनकी कोई बात सरकार ने नहीं मानी। इस अवसर पर बजरंग मुनि ग्राम सभा व ग्राम पंचायत के बारे में भी जानकारी दी गई। यहां मौजूद आचार्य पंकज ने कहा कि ग्राम सभा को विधायकी अधिकार होना चाहिए। कार्यक्रम का संयोजन श्रीकांत सिंह ने किया। इस मौके पर अनसुया प्रसाद, एनके वर्मा, एस बालक, नागेंद्र दत्त रतूड़ी, स्वामी विक्रमा सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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इस अवसर पर उन्होंने प्रोफेसर जेपी सिंह की लिखी पुस्तक राष्ट्रवाद का विमोचन भी किया। जल पुरुष ने कहा कि गंगा के पानी में 17 बीमारियों का इलाज संभव था मगर, गंगा की स्थिति सतत बिगड़ रही है। जगह-जगह पहुंची गंगा यात्रा के बाद लोगों ने बताया कि अब गंगा जल 15 दिन में ही खराब होने लगता है। पहले घरों में गंगा जल रखने पर वो कभी खराब नहीं होता था। ऐसी स्थिति क्यों है, इस पर मंथन करने की जरूरत है। गंगा का इंवायरमेंट फ्लो का नोटिफिकेशन तो किया गया, लेकिन पहले जरूरत गंगा को ए, बी, सी, डी किस श्रेणी की है उसमें विभक्त करने की थी। उसके बाद जिस श्रेणी की है वैसा ही ट्रीटमेंट होना चाहिए।
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सरकार ने नहीं मानी स्वामी सानंद की बात
मैग्सेस पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामी सानंद के जीते जी और मरने के बाद भी उनकी कोई बात सरकार ने नहीं मानी। इस अवसर पर बजरंग मुनि ग्राम सभा व ग्राम पंचायत के बारे में भी जानकारी दी गई। यहां मौजूद आचार्य पंकज ने कहा कि ग्राम सभा को विधायकी अधिकार होना चाहिए। कार्यक्रम का संयोजन श्रीकांत सिंह ने किया। इस मौके पर अनसुया प्रसाद, एनके वर्मा, एस बालक, नागेंद्र दत्त रतूड़ी, स्वामी विक्रमा सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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