{"_id":"5bec5025bdec22696a3ae8b9","slug":"15422137211-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया में छात्रों की टिप्पणी से भड़के आंदोलनकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया में छात्रों की टिप्पणी से भड़के आंदोलनकारी
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) शिफ्टिंग की तैयारी पर मचा बवाल थम नहीं रहा है। शिफ्टिंग के विरोध में कांग्रेस ने एनआईटी प्रशासनिक भवन गेट पर धरना दिया। छात्र संगठन आर्यन ने बिड़ला परिसर गेट के समक्ष सरकार का पुतला फूंककर विरोध-प्रदर्शन किया।
छात्रों के आंदोलन के दबाव में एनआईटी की कमेटी की ओर से ऋषिकेश मेें विकल्प के रुप में जगह देखी गई है। इसका खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया है। बुधवार को कांग्रेस नगर अध्यक्ष भूपेंद्र पुंडीर की अध्यक्षता में कांग्रेस जनों ने पूर्वाह्न 11 से अपराह्न तीन बजे तक एनआईटी प्रशासनिक भवन के गेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की ढिलाई से एनआईटी पहाड़ से मैदान को पलायन कर रही है। यदि शीघ्र पहाड़ में एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण नहीं किया गया, तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। कांग्रेससजनों ने एनआईटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि संस्थान के कुछ अधिकारियों के इशारे पर ही छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया है। यदि ऐसा नहीं होता, तो आज तक संस्थान उनके खिलाफ कार्रवाई कर देता। धरने में कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी, जिला महामंत्री गणपति भट्ट, महेंद्र असवाल, प्रदीप सिंह, राजेश जुगरान, मीना रावत, अंजू भट्ट, रेखा अग्रवाल, पूनम, कुसुम, मनोरमा विजय रावल, वीरेंद्र नेगी और रघुवीर आदि बैठे। संचालन परवेज अहमद ने किया।
आर्यन संगठन ने भी बिड़ला परिसर गेट के आगे सरकार का पुतला फूंकते हुए सरकार पर पहाड़ की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से एनआईटी जैसा प्रशिक्षण संस्थान को पहाड़ से खिसकाने की तैयारी चल रही है। प्रदर्शन में बिड़ला परिसर के पूर्व सचिव देवकांत देवराड़ी, प्रदीप रावत, अंकित झिंक्वाण, प्रवीण नेगी, हिमांशु बिष्ट, आशीष रावत, आकाश बिष्ट व आशीष देवराड़ी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
सोशल मीडिया में छात्रों की टिप्पणी से भड़के आंदोलनकारी
एनआईटी के छात्रों ने फेसबुक में किया है अभद्र भाषा का प्रयोग
कोतवाली पहुंचकर दी छात्रों के विरुद्ध तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। प्रगतिशील जनमंच, व्यापार संघ और छात्र संगठनों ने एनआईटी की लड़ाई लड़ रहे आंदोलनकारियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले एनआईटी के छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारियों ने कोतवाली में स्क्रीन शॉट व तहरीर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया में छात्रों की ओर से की गई टिप्पणी से उन्माद की स्थिति पैदा हो गई है।
बुधवार देर शाम प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, संयोजक जेपी पुरी, व्यापार संघ अध्यक्ष वासुदेव कंडारी, जिला उपाध्यक्ष सुजीत अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, बिड़ला परिसर छात्र संघ उपाध्यक्ष अंकित उछोली सहित अन्य लोगों ने कोतवाल एनएस बिष्ट से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एनआईटी शिफ्टिंग के विरोध में स्थानीय जनता विरोध प्रदर्शन कर रही है। आंदोलन संबंधी फोटो सोशल मीडिया में अपलोड होने के बाद एनआईटी के छात्रों ने आंदोलनकारियों के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है। आंदोलनकारियों को गाली देने के साथ उनके ज्ञान पर सवाल उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र संस्थान में पढ़ने के लिए आए हैं। उनको पढ़ाई करनी चाहिए। जनता भी उनके लिए स्थायी कैंपस की मांग के लिए लड़ रही है। इसके विपरीत छात्र उनके लिए गलत शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे आंदोलनकारियों और पहाड़ की सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। उन्होंने उक्त छात्रों के विरुद्ध आईटी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कोतवाल बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। वर्तमान में छात्र संस्थान में नहीं है।
---------------------------------------
छात्रों के कक्षाओं मेें लौटने पर किया गया मंथन
एमएचआरडी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक
जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। यहां एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में चल रहे गतिरोध के संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से आए अधिकारियों की स्थानीय प्रशासन और एनआईटी के अधिकारियों के साथ मंगलवार देर रात तक बैठक चली। छात्रों के कक्षाओं में लौटने के लिए मंथन किया गया, ताकि उनका सेमेस्टर बर्बाद न हो। एचआरडी की ओर से कहा गया कि जितनी जल्दी प्रदेश सरकार जमीन उपलब्ध कराए गए, उतनी जल्दी स्थायी कैंपस का निर्माण होगा। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने आश्वस्त किया कि जमीन का मसला जल्द सुलझा लिया जाएगा।
स्थायी कैंपस का निर्माण, अस्थायी रुप से कैंपस शिफ्टिंग और अन्य सुविधाओं की मांग के लिए एनआईटी के छात्र-छात्राएं चार अक्तूबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। 23 अक्तूबर से छात्र हॉस्टल भी छोड़ चुके हैं। वहीं एनआईटी शिफ्टिंग के विरोध और शीघ्र कैंपस निर्माण की मांग के लिए स्थानीय जनता भी आंदोलनरत है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए मंगलवार देर शाम एमएचआरडी के अनुसचिव राजन और उप महानिदेशक मदन मोहन यहां पहुंचे। दोनों अधिकारियों की प्रभारी जिलाधिकारी पौड़ी दीप्ति सिंह, एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी और एनआईटी के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि आंदोलन से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जल्द से जल्द उनको कक्षाओं में लौटना होगा। अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार के अधिकारी संस्थान की किस प्रकार मदद कर सकते हैं, ताकि वह लौट आएं।
प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला
श्रीनगर। आंदोलन के बीच एनआईटी प्रशासन ने जनता, मीडिया और खुफिया तंत्र से दूरियां बढ़ा ली हैं। संस्थान के अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा गार्ड ने प्रशासनिक भवन के गेट पर अंदर से ताला लगा दिया है। गेट पर मौजूद गार्ड ने बताया कि किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। ब्यूरो
विज्ञापन
छात्रों के आंदोलन के दबाव में एनआईटी की कमेटी की ओर से ऋषिकेश मेें विकल्प के रुप में जगह देखी गई है। इसका खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया है। बुधवार को कांग्रेस नगर अध्यक्ष भूपेंद्र पुंडीर की अध्यक्षता में कांग्रेस जनों ने पूर्वाह्न 11 से अपराह्न तीन बजे तक एनआईटी प्रशासनिक भवन के गेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की ढिलाई से एनआईटी पहाड़ से मैदान को पलायन कर रही है। यदि शीघ्र पहाड़ में एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण नहीं किया गया, तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। कांग्रेससजनों ने एनआईटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि संस्थान के कुछ अधिकारियों के इशारे पर ही छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया है। यदि ऐसा नहीं होता, तो आज तक संस्थान उनके खिलाफ कार्रवाई कर देता। धरने में कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी, जिला महामंत्री गणपति भट्ट, महेंद्र असवाल, प्रदीप सिंह, राजेश जुगरान, मीना रावत, अंजू भट्ट, रेखा अग्रवाल, पूनम, कुसुम, मनोरमा विजय रावल, वीरेंद्र नेगी और रघुवीर आदि बैठे। संचालन परवेज अहमद ने किया।
विज्ञापन
आर्यन संगठन ने भी बिड़ला परिसर गेट के आगे सरकार का पुतला फूंकते हुए सरकार पर पहाड़ की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही से एनआईटी जैसा प्रशिक्षण संस्थान को पहाड़ से खिसकाने की तैयारी चल रही है। प्रदर्शन में बिड़ला परिसर के पूर्व सचिव देवकांत देवराड़ी, प्रदीप रावत, अंकित झिंक्वाण, प्रवीण नेगी, हिमांशु बिष्ट, आशीष रावत, आकाश बिष्ट व आशीष देवराड़ी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
सोशल मीडिया में छात्रों की टिप्पणी से भड़के आंदोलनकारी
एनआईटी के छात्रों ने फेसबुक में किया है अभद्र भाषा का प्रयोग
कोतवाली पहुंचकर दी छात्रों के विरुद्ध तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। प्रगतिशील जनमंच, व्यापार संघ और छात्र संगठनों ने एनआईटी की लड़ाई लड़ रहे आंदोलनकारियों पर अभद्र टिप्पणी करने वाले एनआईटी के छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आंदोलनकारियों ने कोतवाली में स्क्रीन शॉट व तहरीर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया में छात्रों की ओर से की गई टिप्पणी से उन्माद की स्थिति पैदा हो गई है।
बुधवार देर शाम प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, संयोजक जेपी पुरी, व्यापार संघ अध्यक्ष वासुदेव कंडारी, जिला उपाध्यक्ष सुजीत अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, बिड़ला परिसर छात्र संघ उपाध्यक्ष अंकित उछोली सहित अन्य लोगों ने कोतवाल एनएस बिष्ट से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एनआईटी शिफ्टिंग के विरोध में स्थानीय जनता विरोध प्रदर्शन कर रही है। आंदोलन संबंधी फोटो सोशल मीडिया में अपलोड होने के बाद एनआईटी के छात्रों ने आंदोलनकारियों के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है। आंदोलनकारियों को गाली देने के साथ उनके ज्ञान पर सवाल उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र संस्थान में पढ़ने के लिए आए हैं। उनको पढ़ाई करनी चाहिए। जनता भी उनके लिए स्थायी कैंपस की मांग के लिए लड़ रही है। इसके विपरीत छात्र उनके लिए गलत शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। इससे आंदोलनकारियों और पहाड़ की सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। उन्होंने उक्त छात्रों के विरुद्ध आईटी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कोतवाल बिष्ट ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। वर्तमान में छात्र संस्थान में नहीं है।
---------------------------------------
छात्रों के कक्षाओं मेें लौटने पर किया गया मंथन
एमएचआरडी और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक
जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। यहां एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में चल रहे गतिरोध के संबंध में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से आए अधिकारियों की स्थानीय प्रशासन और एनआईटी के अधिकारियों के साथ मंगलवार देर रात तक बैठक चली। छात्रों के कक्षाओं में लौटने के लिए मंथन किया गया, ताकि उनका सेमेस्टर बर्बाद न हो। एचआरडी की ओर से कहा गया कि जितनी जल्दी प्रदेश सरकार जमीन उपलब्ध कराए गए, उतनी जल्दी स्थायी कैंपस का निर्माण होगा। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने आश्वस्त किया कि जमीन का मसला जल्द सुलझा लिया जाएगा।
स्थायी कैंपस का निर्माण, अस्थायी रुप से कैंपस शिफ्टिंग और अन्य सुविधाओं की मांग के लिए एनआईटी के छात्र-छात्राएं चार अक्तूबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। 23 अक्तूबर से छात्र हॉस्टल भी छोड़ चुके हैं। वहीं एनआईटी शिफ्टिंग के विरोध और शीघ्र कैंपस निर्माण की मांग के लिए स्थानीय जनता भी आंदोलनरत है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए मंगलवार देर शाम एमएचआरडी के अनुसचिव राजन और उप महानिदेशक मदन मोहन यहां पहुंचे। दोनों अधिकारियों की प्रभारी जिलाधिकारी पौड़ी दीप्ति सिंह, एसडीएम श्रीनगर मायादत्त जोशी और एनआईटी के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि आंदोलन से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जल्द से जल्द उनको कक्षाओं में लौटना होगा। अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार के अधिकारी संस्थान की किस प्रकार मदद कर सकते हैं, ताकि वह लौट आएं।
प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला
श्रीनगर। आंदोलन के बीच एनआईटी प्रशासन ने जनता, मीडिया और खुफिया तंत्र से दूरियां बढ़ा ली हैं। संस्थान के अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा गार्ड ने प्रशासनिक भवन के गेट पर अंदर से ताला लगा दिया है। गेट पर मौजूद गार्ड ने बताया कि किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। ब्यूरो