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18 नवंबर को मनेगा प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस
Updated Mon, 12 Nov 2018 10:29 PM IST
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श्रीनगर। आगामी 18 नवंबर को प्रथम प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया जाएगा। इसी क्रम में आईएनओ (अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संगठन) और आयुष मंत्रालय भारत सरकार की ओर से प्राकृतिक चिकित्सा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत केंद्रीय गढ़वाल विवि के योग विभाग में रविवार और सोमवार को दो दिवसीय शिविर आयोजित कर छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में बताया गया।
भारत में पहली बार प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपेथी) दिवस मनाया जा रहा है। पौड़ी व टिहरी जिले के आईएनओ समन्वयक डा. विनोद नौटियाल व डा. रजनी नौटियाल ने बताया कि आईएनओ आयुष मंत्रालय के सहयोग से विभिन्न स्थानों में 11 से 17 नवंबर तक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसमें लोगों का उपचार नेचुरोपेथी से किया जा रहा है। आईएनओ की ओर से रविवार और सोमवार को शिविर लगाया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को कमर दर्द, सरवाइकल, मधुमेह, अस्थमा, रक्तचाप, गठिया, त्वचा रोग और स्त्री संबंधित रोगों के उपचार की विधि और उपयोगिता बताई गई। डा. नौटियाल ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा पंच महाभूत पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से की जाती है। प्राकृतिक चिकित्सा मनुष्य स्वयं कर सकता है।
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भारत में पहली बार प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपेथी) दिवस मनाया जा रहा है। पौड़ी व टिहरी जिले के आईएनओ समन्वयक डा. विनोद नौटियाल व डा. रजनी नौटियाल ने बताया कि आईएनओ आयुष मंत्रालय के सहयोग से विभिन्न स्थानों में 11 से 17 नवंबर तक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसमें लोगों का उपचार नेचुरोपेथी से किया जा रहा है। आईएनओ की ओर से रविवार और सोमवार को शिविर लगाया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को कमर दर्द, सरवाइकल, मधुमेह, अस्थमा, रक्तचाप, गठिया, त्वचा रोग और स्त्री संबंधित रोगों के उपचार की विधि और उपयोगिता बताई गई। डा. नौटियाल ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा पंच महाभूत पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से की जाती है। प्राकृतिक चिकित्सा मनुष्य स्वयं कर सकता है।
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