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पांडवों को दिए वचन को निभा रहे ग्रामीण
Updated Mon, 12 Nov 2018 10:29 PM IST
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घाट (चमोली)। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में पांडव लीला की धूम मची है। ग्राम पंचायत ल्वांणी, लांखी, स्यांरी-बंगाली और भटियाणा गांव में पांडव लीला का आयोजन हो रहा है।
कहा जाता है कि जब पांचों भाई पांडव गो हत्या से मुक्ति के लिए जा रहे थे तो उन्होंने अपने अस्त्र-शस्त्रों को ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया था। तब उन्होंने ग्रामीणों से समय-समय पर अस्त्र-शस्त्रों की पूजा करने का वचन मांगा था। आज भी ग्रामीण पांडवों को दिए वचन को निभाते आ रहे हैं। ग्रामीण पांडवों को अपने आराध्य देव के रूप में पूजते हैं। सोमवार को ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडवों के पश्वा ने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। दूर-दराज के गांवों से भक्तगण भी पांडवों से मनौतियां मांगने पहुंच रहे हैं। इस मौके पर ग्राम प्रधान दलवीर सिंह, हरिकृष्ण, दौलत सिंह, जगदीश, कृपाल सिंह, फतेसिंह, हीरा सिंह, मदन सिंह, सुरेंद्र सिंह, बचन सिंह, मोहन सिंह, सुजान सिंह आदि मौजूद थे।
कहा जाता है कि जब पांचों भाई पांडव गो हत्या से मुक्ति के लिए जा रहे थे तो उन्होंने अपने अस्त्र-शस्त्रों को ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया था। तब उन्होंने ग्रामीणों से समय-समय पर अस्त्र-शस्त्रों की पूजा करने का वचन मांगा था। आज भी ग्रामीण पांडवों को दिए वचन को निभाते आ रहे हैं। ग्रामीण पांडवों को अपने आराध्य देव के रूप में पूजते हैं। सोमवार को ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडवों के पश्वा ने अस्त्र-शस्त्रों के साथ नृत्य किया। दूर-दराज के गांवों से भक्तगण भी पांडवों से मनौतियां मांगने पहुंच रहे हैं। इस मौके पर ग्राम प्रधान दलवीर सिंह, हरिकृष्ण, दौलत सिंह, जगदीश, कृपाल सिंह, फतेसिंह, हीरा सिंह, मदन सिंह, सुरेंद्र सिंह, बचन सिंह, मोहन सिंह, सुजान सिंह आदि मौजूद थे।
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