{"_id":"5be470fbbdec222765623e81","slug":"15416977422051-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"51 साल बाद बदरीनाथ की यात्रा पर पहुंचे जाखराजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
51 साल बाद बदरीनाथ की यात्रा पर पहुंचे जाखराजा
Updated Thu, 08 Nov 2018 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। चमोली के कलगोठ गांव के आराध्य देवता जाखराजा ने 51 साल बाद बृहस्पतिवार को बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। साथ ही जाखराजा ने अपने भाई कुबेर से भी भेंट की। यात्रा में भारी संख्या में अन्य भक्त भी पहुंचे।
जाखराजा 51 साल बाद बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर निकले। भगवान जाखराजा की दिवारा यात्रा 10 अक्तूबर को कलगोठ गांव से शुरू हुई थी। विभिन्न गांवों का भ्रमण करने के साथ ही जाखराजा अपनी ध्याणियों (क्षेत्र की विवाहित बेटियां) के गांवों में उनकी कुशलक्षेम पूछने के लिए गए। सात नवंबर को जाखराजा बदरीनाथ धाम पहुंचे और बृहस्पतिवार को उन्होंने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। इसके बाद जाखराजा माणा, माता मूर्ति मंदिर और बसुधारा भी पहुंचे। जाख मंदिर समिति के अध्यक्ष तोता सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 1967 में जाखराजा बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे थे। इस बार जाखराजा ने बदरीनाथ की यात्रा की इच्छा जताई थी। इस मौके पर पुजारी दरमान सिंह, मनोज, दिलवर, शिवराज, वीरेंद्र सिंह और अव्वल सिंह आदि मौजूद थे।
जाखराजा 51 साल बाद बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर निकले। भगवान जाखराजा की दिवारा यात्रा 10 अक्तूबर को कलगोठ गांव से शुरू हुई थी। विभिन्न गांवों का भ्रमण करने के साथ ही जाखराजा अपनी ध्याणियों (क्षेत्र की विवाहित बेटियां) के गांवों में उनकी कुशलक्षेम पूछने के लिए गए। सात नवंबर को जाखराजा बदरीनाथ धाम पहुंचे और बृहस्पतिवार को उन्होंने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। इसके बाद जाखराजा माणा, माता मूर्ति मंदिर और बसुधारा भी पहुंचे। जाख मंदिर समिति के अध्यक्ष तोता सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 1967 में जाखराजा बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे थे। इस बार जाखराजा ने बदरीनाथ की यात्रा की इच्छा जताई थी। इस मौके पर पुजारी दरमान सिंह, मनोज, दिलवर, शिवराज, वीरेंद्र सिंह और अव्वल सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन