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ऑलवेदर रोड निर्माण से मलेथा की ऐतिहासिक गूल क्षतिग्रस्त
Updated Wed, 24 Oct 2018 10:34 PM IST
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श्रीनगर। ऑलवेदर रोड के निर्माण कार्य के दौरान कीर्तिनगर ब्लाक की ऐतिहासिक मलेथा गूल क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों ने गूल में पानी की आपूर्ति शुरू न किए जाने पर निर्माण कार्य बंद कराने के साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी है।
ऑलवेदर रोड निर्माण के दौरान मलेथा गांव के झरने के पास सोमवार को ऐतिहासिक गूल दो जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गूल में पानी की आपूर्ति नहीं होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय निवासी देवेंद्र बलूनी ने बताया कि धान कटाई के बाद दो माह से खेत सूखे पड़े है। गेहूं की बुआई के लिए खेतों की पहले सिंचाई की जानी थी, ताकि खेत जोतने में आसानी हो सके, लेकिन गूल दो जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। विभाग ने तीन दिन बाद भी विभाग ने सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है, जिससे समय पर खेतों की जुताई न होने से गेहूं, सरसों, मटर आदि की बुआई में देरी हो रही है। ग्राम प्रधान शूरवीर सिंह बिष्ट ने चेतावनी दी है कि गूल की जल्द ही मरम्मत नहीं की गई तो काश्तकारों को निर्माण कार्य को बंद करवाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीण हरीश नेगी, सुरेंद्र नेगी, कुलदीप सिंह, संदीप भट्ट, वीरेंद्र राणा, संदीप सिंह, बलवीर सिंह, महिपाल राणा, धनपाल सिंह आदि ने गूल में पानी की सप्लाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
क्षतिग्रस्त गूल में पानी की आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने के लिए लोनिवि राष्ट्रीय निर्माण खंड श्रीनगर को लिखा गया है। शीघ्र ही खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए व्यवस्था की जा रही है।
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-हेमवंत पठोई, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई खंड कीर्तिनगर।
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ऑलवेदर रोड निर्माण के दौरान मलेथा गांव के झरने के पास सोमवार को ऐतिहासिक गूल दो जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे गूल में पानी की आपूर्ति नहीं होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय निवासी देवेंद्र बलूनी ने बताया कि धान कटाई के बाद दो माह से खेत सूखे पड़े है। गेहूं की बुआई के लिए खेतों की पहले सिंचाई की जानी थी, ताकि खेत जोतने में आसानी हो सके, लेकिन गूल दो जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। विभाग ने तीन दिन बाद भी विभाग ने सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है, जिससे समय पर खेतों की जुताई न होने से गेहूं, सरसों, मटर आदि की बुआई में देरी हो रही है। ग्राम प्रधान शूरवीर सिंह बिष्ट ने चेतावनी दी है कि गूल की जल्द ही मरम्मत नहीं की गई तो काश्तकारों को निर्माण कार्य को बंद करवाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ग्रामीण हरीश नेगी, सुरेंद्र नेगी, कुलदीप सिंह, संदीप भट्ट, वीरेंद्र राणा, संदीप सिंह, बलवीर सिंह, महिपाल राणा, धनपाल सिंह आदि ने गूल में पानी की सप्लाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
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क्षतिग्रस्त गूल में पानी की आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने के लिए लोनिवि राष्ट्रीय निर्माण खंड श्रीनगर को लिखा गया है। शीघ्र ही खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए व्यवस्था की जा रही है।
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-हेमवंत पठोई, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई खंड कीर्तिनगर।