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देवलीबगड़ गांव में ग्यारह दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप
Updated Mon, 22 Oct 2018 10:34 PM IST
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गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर ऑलवेदर रोड के तहत हो रहे हिल कटिंग कार्य से देवलीबगड गांव की पेयजल लाइन तहस-नहस हो गई है, जिससे गांव में ग्यारह दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है।
देवलीबगड़ गांव में भोटिया जनजाति के करीब सौ परिवार रहते हैं। ग्रामीण छह माह तक नीती घाटी के मलारी गांव में रहते हैं, जबकि ठंड बढ़ने के कारण शीतकाल में छह माह तक देवलीबगड़ में रहते हैं। इन दिनों देवलीबगड़ के समीप पहाड़ पर हिल कटिंग कार्य चल रहा है, जिससे गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। देव सिंह राणा, भरत सिंह, भूपेंद्र, वीरेंद्र और सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्यारह दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है। ग्रामीण अलकनंदा के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान कर्णप्रयाग के अधिकारियों से शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई। जल संस्थान के ईई मुकेश का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है। गांव में कर्मचारियों को भेजकर पेयजल लाइन को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
देवलीबगड़ गांव में भोटिया जनजाति के करीब सौ परिवार रहते हैं। ग्रामीण छह माह तक नीती घाटी के मलारी गांव में रहते हैं, जबकि ठंड बढ़ने के कारण शीतकाल में छह माह तक देवलीबगड़ में रहते हैं। इन दिनों देवलीबगड़ के समीप पहाड़ पर हिल कटिंग कार्य चल रहा है, जिससे गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। देव सिंह राणा, भरत सिंह, भूपेंद्र, वीरेंद्र और सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्यारह दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है। ग्रामीण अलकनंदा के पानी से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान कर्णप्रयाग के अधिकारियों से शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई। जल संस्थान के ईई मुकेश का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है। गांव में कर्मचारियों को भेजकर पेयजल लाइन को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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