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टिकट वितरण में डोईवाला में भी विवाद
Updated Mon, 22 Oct 2018 01:56 AM IST
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ब्यिूरो/अमर उजाला, डोईवाला। नगर पालिका डोईवाला की आरक्षित ओबीसी सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के उम्मीदवार घोषित होने के बाद असंतोष की स्थिति देखी जा रही है। टिकट वितरण से दोनों दलों की एकजुटता बिखरती दिखाई दे रही है। हालांकि दलों के नुमाइंदे डैमेज कंट्रोल न हो इसके लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद कमोबेश एक जैसी स्थिति है। भाजपा ने पूर्व ब्लाक प्रमुख रही नगीना रानी को तो कांग्रेस ने सुमित्रा महाजन को टिकट दिया है।
भाजपा में अंदरूनी असंतोष को नियंत्रण में करने के लिए हाईकमान नामांकन तक सबको मनाने का प्रयास कर रहे हैं। यहां कई दावेदारों को दरकिनार कर नगीना रानी को अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण दावेदार दबी जुबान से अपनी बात कह रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस भी ऐसे ही दौर से गुजर रही है। कांग्रेस में आठ लोगों ने अध्यक्ष पद पर आवेदन किया था। सुमित्रा मनवाल के प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कई दावेदार नाराज दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस में कई पुरुष दावेदार भी लाइन में थे। कांग्रेस में ओबीसी वर्ग की एक महिला नेत्री ने तो खुली बगावत करने के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि दोनो दलों के रणनीतिकार तेजी से डैमेज कंट्रोल करने में जुटे हुए हैं।
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भाजपा में अंदरूनी असंतोष को नियंत्रण में करने के लिए हाईकमान नामांकन तक सबको मनाने का प्रयास कर रहे हैं। यहां कई दावेदारों को दरकिनार कर नगीना रानी को अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण दावेदार दबी जुबान से अपनी बात कह रहे हैं।
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वहीं, कांग्रेस भी ऐसे ही दौर से गुजर रही है। कांग्रेस में आठ लोगों ने अध्यक्ष पद पर आवेदन किया था। सुमित्रा मनवाल के प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कई दावेदार नाराज दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस में कई पुरुष दावेदार भी लाइन में थे। कांग्रेस में ओबीसी वर्ग की एक महिला नेत्री ने तो खुली बगावत करने के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि दोनो दलों के रणनीतिकार तेजी से डैमेज कंट्रोल करने में जुटे हुए हैं।
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