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स्वामी सानंद के अनुयायियों को पुलिस ने उठाया
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:41 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर की मांग पर अड़े अनुयायियों ने मंगलवार को वीरभद्र रोड स्थित बाबा काली कमली मंदिर पर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान और कोतवाल रितेश शाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को उठाकर कोतवाली ले आए। धरने पर बैठे सभी पांच लोगों का पुलिस ने शांति भंग (धारा 151) में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि धरना दे रहे लोगों का चालान किया गया, जिसके बाद सभी ने एसडीएम कोर्ट से जमानत करवा ली। वहीं अनुयायी शालिनी राय राजपूत ने बताया कि स्वामी सानंद के दीक्षा गुरु अविमुक्तेश्वरानंद के निर्देश पर वह शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। पुलिस उनके साथ ज्यादती कर रही है। इस मौके पर अनुयाइयों ने नारेबाजी भी की। धरने के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों में शालिनी राय राजपूत, कुसुम जोशी, सुशीला भंडारी, सुशील बहुगुणा, भोपाल चौधरी शामिल रहे। नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर अधिसूचना जारी है। ऐसी स्थिति में धरना प्रदर्शन करना नियम विरुद्घ था। लिहाजा सबको हिरासत में लिया गया।
40 मिनट बाद पहुंची चीता पुलिस
ऋषिकेश। धरना दे रहे लोगों को हिरासत में तो ले लिया गया लेकिन प्रशासन महिला पुलिस लाना भूल गई। इस पर हिरासत में ली गई महिलाओं ने कोतवाली जाने से मना कर दिया। विवश होकर नायब तहसीलदार को चीता पुलिस की महिला आरक्षियों को बुलाना पड़ा। चीता पुलिस की सुस्ती ये रही कि दोपहर करीब 1:02 बजे सूचना दी गई और महिला आरक्षियों की उपलब्धता अपराह्न 1:42 बजे हो पाई। इस दौरान महिलाएं पुलिस जिप्सी में ही बंधक रहीं।
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कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि धरना दे रहे लोगों का चालान किया गया, जिसके बाद सभी ने एसडीएम कोर्ट से जमानत करवा ली। वहीं अनुयायी शालिनी राय राजपूत ने बताया कि स्वामी सानंद के दीक्षा गुरु अविमुक्तेश्वरानंद के निर्देश पर वह शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। पुलिस उनके साथ ज्यादती कर रही है। इस मौके पर अनुयाइयों ने नारेबाजी भी की। धरने के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों में शालिनी राय राजपूत, कुसुम जोशी, सुशीला भंडारी, सुशील बहुगुणा, भोपाल चौधरी शामिल रहे। नायब तहसीलदार मुन्ना सिंह चौहान ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर अधिसूचना जारी है। ऐसी स्थिति में धरना प्रदर्शन करना नियम विरुद्घ था। लिहाजा सबको हिरासत में लिया गया।
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40 मिनट बाद पहुंची चीता पुलिस
ऋषिकेश। धरना दे रहे लोगों को हिरासत में तो ले लिया गया लेकिन प्रशासन महिला पुलिस लाना भूल गई। इस पर हिरासत में ली गई महिलाओं ने कोतवाली जाने से मना कर दिया। विवश होकर नायब तहसीलदार को चीता पुलिस की महिला आरक्षियों को बुलाना पड़ा। चीता पुलिस की सुस्ती ये रही कि दोपहर करीब 1:02 बजे सूचना दी गई और महिला आरक्षियों की उपलब्धता अपराह्न 1:42 बजे हो पाई। इस दौरान महिलाएं पुलिस जिप्सी में ही बंधक रहीं।
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