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पानी के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण
Updated Tue, 16 Oct 2018 10:34 PM IST
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कीर्तिनगर। लाखों खर्च के बाद भी ग्राम पंचायत सरकेणा के आधा दर्जन तोकों के ग्रामीण पानी को तरस रहे हैं। विभाग की ओर से इन तोकों में रहने वाले करीब 35 परिवारों को योजना से पानी नहीं दिया गया है, जिससे ग्रामीण स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
कोटेश्वर-सिल्काखाल पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण एक वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है। ग्रामीण गौरेंद्र सिंह व मोर सिंह ने बताया कि योजना पर एक वर्ष पूर्व आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है, लेकिन योजना में शामिल ग्राम पंचायत सरकेणा के बगर तल्ला, गलंक्खा, सिरवाणी, कुणधार सहित करीब आधा दर्जन तोकों को योजना से वंचित रखा गया है। विभाग की ओर से गांव की योजना पर 35 लाख खर्च किए हैं। बताया कि पेयजल निगम ने गांव की योजना पर आधा-अधूरा निर्माण करवाकर कई परिवारों को योजना से वंचित कर दिया है। ग्राम पंचायत के लिए योजना का निर्माण होने के बाद भी ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। बताया कि इस संबंध में जब ग्रामीणों ने सूचना का अधिकार के तहत विभाग से सूचना मांगी, तो सूचना भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। ग्रामीणों ने तोकों को योजना से नहीं जोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ईई राकेश तिवारी का कहना है कि अभी योजना पर निर्माण कार्य चल रहा है। अगर गांव का कोई तोक योजना से छूट गए हैं, तो उन्हें भी जोड़ा जाएगा।
कोटेश्वर-सिल्काखाल पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण एक वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है। ग्रामीण गौरेंद्र सिंह व मोर सिंह ने बताया कि योजना पर एक वर्ष पूर्व आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है, लेकिन योजना में शामिल ग्राम पंचायत सरकेणा के बगर तल्ला, गलंक्खा, सिरवाणी, कुणधार सहित करीब आधा दर्जन तोकों को योजना से वंचित रखा गया है। विभाग की ओर से गांव की योजना पर 35 लाख खर्च किए हैं। बताया कि पेयजल निगम ने गांव की योजना पर आधा-अधूरा निर्माण करवाकर कई परिवारों को योजना से वंचित कर दिया है। ग्राम पंचायत के लिए योजना का निर्माण होने के बाद भी ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोतों से पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। बताया कि इस संबंध में जब ग्रामीणों ने सूचना का अधिकार के तहत विभाग से सूचना मांगी, तो सूचना भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। ग्रामीणों ने तोकों को योजना से नहीं जोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ईई राकेश तिवारी का कहना है कि अभी योजना पर निर्माण कार्य चल रहा है। अगर गांव का कोई तोक योजना से छूट गए हैं, तो उन्हें भी जोड़ा जाएगा।
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