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बेस अस्पताल के लैब तकनीशियन ने शराब पीकर मचाया हंगामा
Updated Thu, 11 Oct 2018 10:57 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज की बायोकैमेस्ट्री लैब में एक लैब तकनीशियन ने शराब पीकर हंगामा किया। इस दौरान उसने मरीजों के तीमारदारों और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से भी अभद्रता की। शिकायत पर पहुंचीं पुलिस देर रात उसे कोतवाली ले आई। चिकित्सा अधीक्षक ने लैब तकनीशियन को बर्खास्त करने के लिए कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजा है॥
बुधवार रात लगभग नौ बजे बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह को मरीजों ने बायोकैमेस्ट्री लैब में तैनात लैब तकनीशियन (नियत वेतन कर्मचारी) उमेश भट्ट द्वारा शराब पीकर हंगामा मचाने की सूचना दी। वह मरीजों के तीमारदारों से अभद्र व्यवहार कर रहा था। थोड़ी देर में ही चिकित्सा अधीक्षक भी वहां आ पहुंचे। कर्मचारी उमेश भट्ट अत्यधिक शराब के नशे में था। प्रो. सिंह का कहना है कि कर्मचारी ने उन्हें भी नहीं बख्शा और गाली गलौच करने के साथ ही गोली मारने की धमकी देने लगा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। साथ ही उसका मेडिकल करवाया गया, जिसमें उसकी नशे में होने की पुष्टि हुई। पुलिस रात में उसे कोतवाली ले गई। कोतवाली के अनुसार, चिकित्सा अधीक्षक की शिकायत पर कर्मचारी के खिलाफ जान से मारने की धमकी व गाली-गलौच का मुकदमा हो गया। इसके अलावा शराब के नशे में उत्पात मचाने के आरोप में उसका चालान भी किया गया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत का कहना है कि संवेदनशील स्थान में ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। यह किसी की जान के साथ खिलवाड़ करना है। संबंधित कर्मचारी को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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बुधवार रात लगभग नौ बजे बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह को मरीजों ने बायोकैमेस्ट्री लैब में तैनात लैब तकनीशियन (नियत वेतन कर्मचारी) उमेश भट्ट द्वारा शराब पीकर हंगामा मचाने की सूचना दी। वह मरीजों के तीमारदारों से अभद्र व्यवहार कर रहा था। थोड़ी देर में ही चिकित्सा अधीक्षक भी वहां आ पहुंचे। कर्मचारी उमेश भट्ट अत्यधिक शराब के नशे में था। प्रो. सिंह का कहना है कि कर्मचारी ने उन्हें भी नहीं बख्शा और गाली गलौच करने के साथ ही गोली मारने की धमकी देने लगा। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। साथ ही उसका मेडिकल करवाया गया, जिसमें उसकी नशे में होने की पुष्टि हुई। पुलिस रात में उसे कोतवाली ले गई। कोतवाली के अनुसार, चिकित्सा अधीक्षक की शिकायत पर कर्मचारी के खिलाफ जान से मारने की धमकी व गाली-गलौच का मुकदमा हो गया। इसके अलावा शराब के नशे में उत्पात मचाने के आरोप में उसका चालान भी किया गया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत का कहना है कि संवेदनशील स्थान में ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। यह किसी की जान के साथ खिलवाड़ करना है। संबंधित कर्मचारी को बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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