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चटख धूप में भी हो रहा पहाड़ी से भूस्खलन, सरपाणी गांव के ग्रामीणों में दहशत
Updated Sun, 30 Sep 2018 10:04 PM IST
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घाट। आपदा प्रभावित सरपाणी गांव के शीर्ष भाग की पहाड़ी से चटख धूप के बाद भी रुक-रुककर भूस्खलन हो रहा है। पूरा गांव भूस्खलन की चपेट में आ गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव के शीघ्र पुनर्वास की मांग उठाई।
सरपाणी गांव में मौजूदा समय में 95 परिवार रहते हैं। गांव के पीछे पहाड़ी से वर्ष 2011 से भूस्खलन हो रहा है। अब सितंबर माह में हुई तेज बारिश से भूस्खलन फिर सक्रिय हो गया है। सरपाणी गांव के देव सिंह नेगी, विजय लाल, गोपाल, रघुवीर सिंह, दलवीर सिंह आदि का कहना है कि अब मौसम सामान्य हुआ तो चटख धूप खिलने के बाद भी यहां भूस्खलन हो रहा है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। सात साल से पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इसकी रोकथाम के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। अब तो पूरा गांव भूस्खलन की चपेट में आ गया है। मुख्य पैदल मार्ग तहस-नहस हो गया है और गांव के निचले हिस्से में घटगाड गदेरे से भू-कटाव हो रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र गांव के पुनर्वास की मांग उठाई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि सरपाणी गांव में तहसील स्तर पर हुए सर्वे की रिपोर्ट में सिर्फ 38 परिवारों को भूस्खलन से खतरा बताया गया है। यदि पूरे गांव को खतरा है, तो इसे दिखवाया जाएगा। फिलहाल 38 परिवारों की सूची पुनर्वास के लिए शासन को भेज दी गई है।
सरपाणी गांव में मौजूदा समय में 95 परिवार रहते हैं। गांव के पीछे पहाड़ी से वर्ष 2011 से भूस्खलन हो रहा है। अब सितंबर माह में हुई तेज बारिश से भूस्खलन फिर सक्रिय हो गया है। सरपाणी गांव के देव सिंह नेगी, विजय लाल, गोपाल, रघुवीर सिंह, दलवीर सिंह आदि का कहना है कि अब मौसम सामान्य हुआ तो चटख धूप खिलने के बाद भी यहां भूस्खलन हो रहा है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। सात साल से पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इसकी रोकथाम के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। अब तो पूरा गांव भूस्खलन की चपेट में आ गया है। मुख्य पैदल मार्ग तहस-नहस हो गया है और गांव के निचले हिस्से में घटगाड गदेरे से भू-कटाव हो रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र गांव के पुनर्वास की मांग उठाई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि सरपाणी गांव में तहसील स्तर पर हुए सर्वे की रिपोर्ट में सिर्फ 38 परिवारों को भूस्खलन से खतरा बताया गया है। यदि पूरे गांव को खतरा है, तो इसे दिखवाया जाएगा। फिलहाल 38 परिवारों की सूची पुनर्वास के लिए शासन को भेज दी गई है।
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