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पांच गांवों के एक मात्र आधार सेंटर शुरू नहीं हो सका
Updated Sat, 29 Sep 2018 01:52 AM IST
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रायवाला डाकघर में बिना स्टाफ के धूल फांक रहीं मशीनें
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
रायवाला। भारतीय डाक विभाग की लापरवाही का खामियाजा रायवाला क्षेत्र के पांच गांवों के हजारों ग्रामीण भुगत रहे हैं। विभाग द्वारा डाकघर में आधार कार्ड बनाने के लिए आधुनिक उपकरण तो भेज दिए गए हैं, लेकिन इन उपकरणों के संचालन व आधार कार्ड बनाने के लिए स्टाफ नहीं है। इसके चलते करीब तीन माह से उक्त उपकरण डाकघर में शोपीस बन हुए हैं। लिहाजा क्षेत्र के लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।
भारतीय डाक महकमे की ग्रामीण शाखाओं के प्रति जिम्मेदार अफसर लापरवाह बने हुए हैं। रायवाला डाकघर में आधार कार्ड बनाने के उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद लोगों के आधार नहीं बन पाना इसकी तस्दीक करता है। विभाग की ओर से आधार कार्ड बनाने के लिए डाकघर में उपकरण पहुंचा दिए गए हैं। जिन्हें बाकायदा डाकघर के एक कमरे में एसेंबल किया गया है। लेकिन स्टाफ नहीं होने से तीन माह पूर्व भेजे गए उपकरण शोपीस बन हए हैं। ऐसे में ग्रामीणों को अपने आधार कार्ड जैसे आवश्यक कार्यों के लिए समय व धन बर्बाद कर ऋषिकेश तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस बाबत शाखा के पोस्टमास्टर मोहन लाल ने बताया कि विभाग द्वारा संबंधित उपकरण डाकघर को उपलब्ध करा दिए गए हैं। लेकिन डाकघर में महज एक स्टाफ के चलते कार्य नहीं हो पा रहा है।
एक पोस्टमास्टर, 22 हजार खाते
डाकघर में पोस्टमास्टर के तौर पर महज एक स्टाफ है। शाखा में आसपास के लोगों के करीब 22 हजार बचत खाते, 1000 सुकन्या समृद्धि खाते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के पांच महिला प्रधान एजेंट की ओर से प्रतिमाह करीब 30 लाख रुपए का प्रीमियम को जमा करने की जिम्मेदारी भी इसी डाकघर पर है। इसके अतिरिक्त आर्मी कैंट और ग्रामीण डाक वितरण व स्पीड पोस्ट की प्रमुख जिम्मेदारी है।
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डाकघर में स्टाफ की कमी की जानकारी है। जल्द स्टाफ की तैनाती कराकर लोगों के लिए आधार कार्ड की सुविधा भी सुचारु करा दी जाएगी।
-जीएम तनेजा, सीनियर सुपरिटेंडेंट, मुख्य पोस्ट आफिस देहरादून
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
रायवाला। भारतीय डाक विभाग की लापरवाही का खामियाजा रायवाला क्षेत्र के पांच गांवों के हजारों ग्रामीण भुगत रहे हैं। विभाग द्वारा डाकघर में आधार कार्ड बनाने के लिए आधुनिक उपकरण तो भेज दिए गए हैं, लेकिन इन उपकरणों के संचालन व आधार कार्ड बनाने के लिए स्टाफ नहीं है। इसके चलते करीब तीन माह से उक्त उपकरण डाकघर में शोपीस बन हुए हैं। लिहाजा क्षेत्र के लोगों को आधार कार्ड बनाने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।
भारतीय डाक महकमे की ग्रामीण शाखाओं के प्रति जिम्मेदार अफसर लापरवाह बने हुए हैं। रायवाला डाकघर में आधार कार्ड बनाने के उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद लोगों के आधार नहीं बन पाना इसकी तस्दीक करता है। विभाग की ओर से आधार कार्ड बनाने के लिए डाकघर में उपकरण पहुंचा दिए गए हैं। जिन्हें बाकायदा डाकघर के एक कमरे में एसेंबल किया गया है। लेकिन स्टाफ नहीं होने से तीन माह पूर्व भेजे गए उपकरण शोपीस बन हए हैं। ऐसे में ग्रामीणों को अपने आधार कार्ड जैसे आवश्यक कार्यों के लिए समय व धन बर्बाद कर ऋषिकेश तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस बाबत शाखा के पोस्टमास्टर मोहन लाल ने बताया कि विभाग द्वारा संबंधित उपकरण डाकघर को उपलब्ध करा दिए गए हैं। लेकिन डाकघर में महज एक स्टाफ के चलते कार्य नहीं हो पा रहा है।
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एक पोस्टमास्टर, 22 हजार खाते
डाकघर में पोस्टमास्टर के तौर पर महज एक स्टाफ है। शाखा में आसपास के लोगों के करीब 22 हजार बचत खाते, 1000 सुकन्या समृद्धि खाते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के पांच महिला प्रधान एजेंट की ओर से प्रतिमाह करीब 30 लाख रुपए का प्रीमियम को जमा करने की जिम्मेदारी भी इसी डाकघर पर है। इसके अतिरिक्त आर्मी कैंट और ग्रामीण डाक वितरण व स्पीड पोस्ट की प्रमुख जिम्मेदारी है।
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डाकघर में स्टाफ की कमी की जानकारी है। जल्द स्टाफ की तैनाती कराकर लोगों के लिए आधार कार्ड की सुविधा भी सुचारु करा दी जाएगी।
-जीएम तनेजा, सीनियर सुपरिटेंडेंट, मुख्य पोस्ट आफिस देहरादून