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बुग्यालों रात्रि प्रवास पर रोक बरकरार
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:04 PM IST
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देवाल। हाईकोर्ट ने बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर रोक का अपना फैसला बरकरार रखा है। मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड ट्रेक मार्ग को पर्यटकों के लिए खोलने को ट्रैकिंग व्यवसाय से जुड़े पांच लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
हाईकोर्ट ने आली-वेदनी-बगजी बुग्याल संरक्षण समिति की याचिका पर 21 अगस्त को देवाल ब्लाक के रूपकुंड, वेदनी सहित प्रदेश के बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक, बुग्यालों में व्यवसायिक चुगान पर रोक, स्थायी निर्माण को हटाने के निर्देश दिए थे। रोजगार का हवाला देते हुए रूपकुंड पर्यटन संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट में दो सप्ताह पूर्व बुग्यालों से रोक हटाने के लिए याचिका दायर की थी। 26 सितंबर को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने अपने पूर्व के फैसले को बरकरार रखा है। इस पर समिति अब सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है। रूपकुंड पर्यटन संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, सचिव भुवन बिष्ट, राजूशाह, नरेंद्र सिंह, दिनेश कुनियाल ने बताया कि रूपकुंड वेदनी में पर्यटकों का आना जाना होता था। पर्यटक गतिविधियों के चलते यहां के युवाओं ने बैंक से लोन लेकर होटल, घोड़े आदि पर खर्च किया है, लेकिन बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगने से कोई पर्यटक यहां नहीं पहुंचा। इससे हजारों युवा बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे। साथ ही समिति ने प्रदेश सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न करने पर भी नाराजगी जताई।
हाईकोर्ट ने आली-वेदनी-बगजी बुग्याल संरक्षण समिति की याचिका पर 21 अगस्त को देवाल ब्लाक के रूपकुंड, वेदनी सहित प्रदेश के बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक, बुग्यालों में व्यवसायिक चुगान पर रोक, स्थायी निर्माण को हटाने के निर्देश दिए थे। रोजगार का हवाला देते हुए रूपकुंड पर्यटन संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट में दो सप्ताह पूर्व बुग्यालों से रोक हटाने के लिए याचिका दायर की थी। 26 सितंबर को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने अपने पूर्व के फैसले को बरकरार रखा है। इस पर समिति अब सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार कर रही है। रूपकुंड पर्यटन संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, सचिव भुवन बिष्ट, राजूशाह, नरेंद्र सिंह, दिनेश कुनियाल ने बताया कि रूपकुंड वेदनी में पर्यटकों का आना जाना होता था। पर्यटक गतिविधियों के चलते यहां के युवाओं ने बैंक से लोन लेकर होटल, घोड़े आदि पर खर्च किया है, लेकिन बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगने से कोई पर्यटक यहां नहीं पहुंचा। इससे हजारों युवा बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे। साथ ही समिति ने प्रदेश सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न करने पर भी नाराजगी जताई।
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