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सरलीकरण से बनेगी हिंदी जनसामान्य की भाषा: कुलपति
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:04 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि के हिंदी राजभाषा प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित हिंदी पखवाड़ा का समापन हो गया। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
शुक्रवार को बिड़ला परिसर स्थित सीनेट हॉल में आयोजित हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि हिंदी भाषा का सरलीकरण किया जाना चाहिए, जिससे यह जन सामान्य की भाषा बन सके। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मंजुला राणा ने कहा कि हिंदी एक भाषा नहीं बल्कि कौशल है। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा भी की गई। भाषण प्रतियोगिता में नेहा प्रथम, कविता द्वितीय, स्वाति तृतीय व वैभव सकलानी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कविता पाठ में क्रमश: सीमा, नेहा, प्रदीप कुमार पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। सोनम बडोनी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। जबकि निबंध प्रतियोगिता में सौम्य बडोनी को पहला, नेहा को दूसरा और सीमा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। आकृति लखेड़ा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम में राजभाषा प्रकोष्ठ की समन्वयक डा. गुड्डी बिष्ट , कुलसचिव डा. एके झा, डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डा. अनूप सेमवाल ने किया।
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शुक्रवार को बिड़ला परिसर स्थित सीनेट हॉल में आयोजित हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि हिंदी भाषा का सरलीकरण किया जाना चाहिए, जिससे यह जन सामान्य की भाषा बन सके। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मंजुला राणा ने कहा कि हिंदी एक भाषा नहीं बल्कि कौशल है। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा भी की गई। भाषण प्रतियोगिता में नेहा प्रथम, कविता द्वितीय, स्वाति तृतीय व वैभव सकलानी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कविता पाठ में क्रमश: सीमा, नेहा, प्रदीप कुमार पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे। सोनम बडोनी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। जबकि निबंध प्रतियोगिता में सौम्य बडोनी को पहला, नेहा को दूसरा और सीमा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। आकृति लखेड़ा को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम में राजभाषा प्रकोष्ठ की समन्वयक डा. गुड्डी बिष्ट , कुलसचिव डा. एके झा, डीएसडब्ल्यू प्रो. पीएस राणा आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन डा. अनूप सेमवाल ने किया।
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