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मिशन अंत्योदय से बदलेगी गांवों की तस्वीर
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:28 PM IST
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श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर की 84 ग्राम पंचायतों में से 24 ग्राम पंचायतों का मिशन अंत्योदय योजना के तहत चयन किया गया है। यह ग्राम पंचायतें वर्ष 2018-19 में पूर्णरूप से साधन संपन्न हो जाएंगी, जबकि शेष 60 ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाए जाने के लिए दो अक्तूबर से ग्राम पंचायतों की बैठकों में कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मिशन अंत्योदय योजना के तहत विकास खंड की 24 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिनमें ग्राम पंचायत जखंड, क्वीली, सांक्रो, मंगसू व डांग, अमोली, मैखंडी, तल्यामंडल, रिंगोली तल्ली व मल्ली, चिलेड़ी, कफना, ऐराड़ी, सिरसेड, धारकोट, खोला, घणजी, पठवाड़ा, मंजाकोट, भैसवाड़ा, रणकंडियाल, कपरोली, धारकोट कड़ाकोट व खोला कड़ाकोट वर्ष 2018-19 तक साधन संपन्न हो जाएगी। इन गांवों में रोजगार व आय के संसाधनों को विकसित करने के लिए विभिन्न विभागों ने कार्य योजना तैयार कर दी है। सहायक खंड विकास अधिकारी कुंवर सिंह रावत व एडीओ पंचायत भुवनचंद्र थपलियाल ने बताया कि योजना के तहत ग्राम पंचायतों के प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का सद्पयोग कर उनके बुनियादी ढांचे को विकसित करना है। साथ ही ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसरों को खोजना है। बताया कि प्रथम चरण में जिन गांवों का चयन किया गया उनके लिए अक्तूबर 2017 में सर्वेक्षण किया गया था, जबकि शेष 60 ग्राम पंचायतों के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों की आम बैठकों में कार्ययोजना के आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। बताया कि चयनित गांवों में 60 से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जबकि अन्य ग्राम पंचायतों में भी समूहों का गठन किया जा रहा है।
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मिशन अंत्योदय योजना के तहत विकास खंड की 24 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिनमें ग्राम पंचायत जखंड, क्वीली, सांक्रो, मंगसू व डांग, अमोली, मैखंडी, तल्यामंडल, रिंगोली तल्ली व मल्ली, चिलेड़ी, कफना, ऐराड़ी, सिरसेड, धारकोट, खोला, घणजी, पठवाड़ा, मंजाकोट, भैसवाड़ा, रणकंडियाल, कपरोली, धारकोट कड़ाकोट व खोला कड़ाकोट वर्ष 2018-19 तक साधन संपन्न हो जाएगी। इन गांवों में रोजगार व आय के संसाधनों को विकसित करने के लिए विभिन्न विभागों ने कार्य योजना तैयार कर दी है। सहायक खंड विकास अधिकारी कुंवर सिंह रावत व एडीओ पंचायत भुवनचंद्र थपलियाल ने बताया कि योजना के तहत ग्राम पंचायतों के प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का सद्पयोग कर उनके बुनियादी ढांचे को विकसित करना है। साथ ही ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसरों को खोजना है। बताया कि प्रथम चरण में जिन गांवों का चयन किया गया उनके लिए अक्तूबर 2017 में सर्वेक्षण किया गया था, जबकि शेष 60 ग्राम पंचायतों के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों की आम बैठकों में कार्ययोजना के आधार पर डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। बताया कि चयनित गांवों में 60 से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जबकि अन्य ग्राम पंचायतों में भी समूहों का गठन किया जा रहा है।
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