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राजी-खुशी राखी नंदा मेरु कुटुंब परिवार..

Fri, 14 Sep 2018 10:28 PM IST
Updated Fri, 14 Sep 2018 10:28 PM IST
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राजी-खुशी राखी नंदा मेरु कुटुंब परिवार..

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गोपेश्वर। निजमूला घाटी के पाणा गांव में शुक्रवार से दो दिवसीय नंदा अष्टमी मेला शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने जागरों से अपनी आराध्य देवी मां नंदा का आह्वान किया तो गांव में दिनभर मां नंदा की विशेष पूजा हुई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति किए। शनिवार को पूजा-अर्चना के बाद पाणा गांव की मां नंदा कैलाश के लिए विदा होंगी। वहीं कई गांवों से नंदा की छंतोलियाें को कैलाश विदा किया गया।
शुक्रवार को पाणा गांव में बदरीनाथ विधायक के प्रतिनिधि मोहन नेगी ने मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मेलों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने जै बोला जै भगोती नंदा, नंदा ऊंचा कैलासे की जय..., जा नंदा ऊंचा कैलासु, राजी-खुुशी राखी नंदा मेरु कुटुंब परिवार..., भोले की मां नंदा... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। शनिवार को मां नंदा कैलाश के लिए विदा होंगी। इस मौके पर मेला कमेटी के अध्यक्ष माधो सिंह फरस्वाण, सचिव राकेश नेगी, दिनेश सिंह, महेंद्र फरस्वाण, सुरेंद्र रावत, दिनेश, कैलाश आदि मौजूद थे। वहीं, पीपलकोटी के बैमरु गांव से पूजा-अर्चना के बाद मां नंदा की छंतोली ने नंदीकुंड के लिए प्रस्थान किया। ध्याणियों (विवाहित बेटी), युवतियों और सुहागिन महिलाओं ने मां नंदा को शृंगार सामग्री और चुनरी भेंट की। महिलाओं ने जागर के साथ मां नंदा को नंदीकुंड के लिए विदा किया। शुक्रवार को देर शाम मां नंदा की छंतोली रात्रि प्रवास के लिए डुमक गांव के बजीर देवता मंदिर में पहुंची। वहीं ग्राम पंचायत कुजों, मैकोट, डुंग्री, देवर-खडोरा, नैल-कुड़ाऊ, हाट, जैसाल और कौंजपोथनी गांव से भी नंदा छंतोलियों को पूजा के बाद कैलाश के लिए विदा किया। शनिवार को नंदीकुंड में नंदा सप्तमी की विशेष पूजा होगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह, पान सिंह नेगी, बलवीर नेगी, पुजारी रणजीत सिंह, जगमोहन सिंह, ताजवर सिंह, विनोद, मनोज हटवाल, कुंदन सिंह, बलवंत आदि मौजूद थे।
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सनेड़ में मां नंदा बेडूपाती कौथिक का शुभारंभ
नारायणबगड़। सनेड़ गांव में देवी-देवताओं की पूजा और हरियाली रोपण के साथ चार दिवसीय मां नंदा बेडूपाती कौथिक का शुभारंभ हुआ।
ब्रह्म मुहूर्त में निलाड़ी, डांगतोली गांवों से बाजे गाजों के साथ भूमियाल देवता की अगुवाई में ग्रामीण सनेड़ गांव पहुंचे। यहां पर भूमियाल देवता का खेरालिंग खांखर विनसर महादेव और क्षेत्रपाल देवताओं से मिलन हुआ। भूमियाल देवता के पश्वा ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को मां नंदा बेडूपाती कौथिक शुरू करने की आज्ञा दी। आचार्य विशंबर सती और श्रद्धालुओं ने हरियाली रोपी। इसके बाद भूमियाल देवता ने पाती वृक्ष का चयन किया। धर्म सिंह बिष्ट ने मां नंदा देवी के जागर गाए और संपूर्ण क्षेत्र को नंदामय कर दिया। ध्याणियाें और श्रद्धालुओं ने देवी देवताओं को भेंट (समोण) अर्पित की। इस मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान शिशुपाल सिंह बिष्ट, मनवर सिंह, प्रकाश बिष्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष बीरा देवी, पूर्व प्रधान सुलोचना देवी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
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वांण गांव पहुंची मां नंदा की डोली
देवाल। बधाण की मां नंदा देवी की लोकजात शुक्रवार को मुंदोली गांव से आबादी के अंतिम गांव वांण पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने देवी की मांगल-जागरों के साथ स्तुति की।
शुक्रवार सुबह आचार्यों और ग्रामीणों ने मुंदोली गांव में मां नंदा देवी की वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजा। इसके बाद मां नंदा देवी की डोली मुंदोली गांव से रवाना हुई और दोपहर को लोकजात हरनी गांव से लोहाजंग पहुंची। जहां नंदा चौक में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन किए। इसके बाद यात्रा कुजों, मैला, अखोड़ी गांवों से होते हुए रात्रि प्रवास को वाण गांव पहुंची। वाण में ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ मां नंदा देवी का भव्य स्वागत किया। शनिवार को लोकजात निर्जन पड़ाव गेरोली पातल में रात्रि प्रवास करेगी। इस मौके पर विधायक मुन्नी देवी शाह, कमला देवी, बच्चीराम, इंद्र सिंह राणा, कृष्णा बिष्ट, खड़क सिंह, हीरा पहाड़ी, खीमी राम, लखपत बिष्ट, महिपत सिंह, हीरा बुग्याली, रघुवीर सिंह, पान सिंह, भुवन बिष्ट, धन सिंह बिष्ट और बलबीर सिंह आदि मौजूद थे।

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केदारनाथ धाम रवाना हुई मां चंद्रमति की डोली
गोपेश्वर। छिनका गांव कि आराध्य देवी मां चंद्रमति शुक्रवार को मंडल घाटी के गांवों का भ्रमण करने के बाद केदारनाथ के लिए रवाना हुईं। भक्तों ने मां चंद्रमति से मनौतियां भी मांगीं। मां चंद्रमति के पश्वा ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। डोली 22 सितंबर को केदारनाथ धाम पहुंचेगी। यहां मंदाकिनी नदी में पवित्र स्नान करने के बाद डोली भगवान केदारनाथ के दर्शन करेगी। शुक्रवार को डोली ने नगर भ्रमण किया और भक्तों ने उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया।

मां नंदा देवी के दर्शनों के लिए उमड़े भक्त
अगस्त्यमुनि। पांच वर्ष के बाद अपने मायके भणज गांव पहुंची मां नंदा देवी के दर्शनों के लिए क्यूंजा घाटी के गांवों से भारी संख्या में देवी भक्त पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को प्रात: 7 बजे मां भगवती नंदा देवी की विशेष पूजा की गई। पुजारियों ने देवी का शृंगार कर उन्हें भोग लगाया। देवी पश्वा पर अवतरित हुईं और लोगों को सुख-संपन्नता का आशीर्वाद दिया।

इसके बाद आयोजित नंदा कौथिग में छात्र-छात्राओं, महिला व युवक मंगल दलों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति किए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों की नंदा राजजात पर आधारित झांकी रही। इस दौरान कृषि व उद्यान विभाग की ओर से बीज व कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच भी की गई। पशुपालन विभाग की ओर से पशु रोग और उनके उपाय के बारे में बताया गया। आयोजन समिति के संरक्षक और केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा कि आयोजन को लोक संस्कृति से जोड़कर भव्य रूप से दिया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह व उपाध्यक्ष रजपाल भारती ने बताया कि 17 सितंबर तक नंदा के जागर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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