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आ रहा हूं सुन हिमालय, आज मिलने को मैं तुझसे....
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:32 PM IST
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गोपेश्वर। साहित्यकार दीपक सती काव्य संग्रह हिमालय में क्या है का रविवार को विमोचन किया गया। कवि दीपक सती ने किताब के माध्यम से एक पथिक की हिमालय यात्रा का वर्णन किया है।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित समारोह में साहित्यकार दीपक सती ने काव्य संग्रह की कविता आ रहा हूं सुन हिमालय, आज मिलने को मैं तुझसे..., तब मुक्तिदायिनी गंगा भी विध्वंसदायिनी बन बैठी... का व्याख्यान कर हिमालय संरक्षण पर जोर दिया। साहित्यकार लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी ने साहित्य के प्रति जिज्ञासा को बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर डा. अरविंद अवस्थी, नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक डा. योगेश धस्माना, जिला पंचायत सदस्य माहेश्वरी कन्याल, पुरसाड़ी कारागार के जेलर प्रमोद पांडे, व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, एमपी सती, राकेश गैरोला, महेंद्र रावत, प्रभात रावत आदि मौजूद थे। संचालन डा. दर्शन सिंह नेगी ने किया।
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जिला पंचायत सभागार में आयोजित समारोह में साहित्यकार दीपक सती ने काव्य संग्रह की कविता आ रहा हूं सुन हिमालय, आज मिलने को मैं तुझसे..., तब मुक्तिदायिनी गंगा भी विध्वंसदायिनी बन बैठी... का व्याख्यान कर हिमालय संरक्षण पर जोर दिया। साहित्यकार लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी ने साहित्य के प्रति जिज्ञासा को बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर डा. अरविंद अवस्थी, नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयक डा. योगेश धस्माना, जिला पंचायत सदस्य माहेश्वरी कन्याल, पुरसाड़ी कारागार के जेलर प्रमोद पांडे, व्यापार संघ अध्यक्ष अंकोला पुरोहित, एमपी सती, राकेश गैरोला, महेंद्र रावत, प्रभात रावत आदि मौजूद थे। संचालन डा. दर्शन सिंह नेगी ने किया।
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