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शिक्षिका बनी भगवान, छात्रा की कराई बाईपास सर्जरी
Updated Sun, 09 Sep 2018 10:32 PM IST
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कर्णप्रयाग। राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बीना मैठाणी ने एक छात्रा के हार्ट की बाईपास सर्जरी करवाकर उसे नया जीवन दिया है। छह सितंबर को छात्रा का देहरादून से ऑपरेशन हुआ और अब वह सकुशल घर (कर्णप्रयाग) लौट आई है।
ब्लाक के बौला गांव में रहने वाले नेपाली मूल के नैन सिंह और शकुंतला देवी की तीन बेटियां हैं। नैन सिंह मजदूरी कर घर चलाते हैं। उनकी दूसरे नंबर की बेटी करिश्मा राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल बौंला में पढ़ती है। करिश्मा की कुछ सालों से बार-बार तबियत बिगड़ रही थी। उसकी जांच करवाई तो पता चला करिश्मा के दिल में दो छेद हैं, लेकिन उसके उपचार में अधिक खर्चा आने के कारण परिजन उसका इलाज नहीं करा सके। करिश्मा की तबियत दिन प्रतिदिन बिगड़ने लगी। जब राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बीना मैठाणी को इसका पता चला तो उन्होंने करिश्मा के उपचार का बीड़ा उठाया। उन्होंने निजी खर्च पर करिश्मा को देहरादून पहुंचाया और कई एनजीओ से संपर्क किया। तब चाइल्ड केयर संस्था ने करिश्मा की मदद की और एक अगस्त को करिश्मा को देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद करिश्मा की फोर्टिस हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी हुई। छह सितंबर को करिश्मा नया जीवन लेकर बौंला पहुंचीं। जूनियर शिक्षक संघ के सर्वेश्वर प्रसाद सिमल्टी, मीडिया प्रभारी सरोज डिमरी आदि ने बीना के प्रयासों को सराहा है। नैन सिंह ने बताया कि शिक्षिका के प्रयास से ही करिश्मा का उपचार हो सका है।
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ब्लाक के बौला गांव में रहने वाले नेपाली मूल के नैन सिंह और शकुंतला देवी की तीन बेटियां हैं। नैन सिंह मजदूरी कर घर चलाते हैं। उनकी दूसरे नंबर की बेटी करिश्मा राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल बौंला में पढ़ती है। करिश्मा की कुछ सालों से बार-बार तबियत बिगड़ रही थी। उसकी जांच करवाई तो पता चला करिश्मा के दिल में दो छेद हैं, लेकिन उसके उपचार में अधिक खर्चा आने के कारण परिजन उसका इलाज नहीं करा सके। करिश्मा की तबियत दिन प्रतिदिन बिगड़ने लगी। जब राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बीना मैठाणी को इसका पता चला तो उन्होंने करिश्मा के उपचार का बीड़ा उठाया। उन्होंने निजी खर्च पर करिश्मा को देहरादून पहुंचाया और कई एनजीओ से संपर्क किया। तब चाइल्ड केयर संस्था ने करिश्मा की मदद की और एक अगस्त को करिश्मा को देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद करिश्मा की फोर्टिस हॉस्पिटल में बाईपास सर्जरी हुई। छह सितंबर को करिश्मा नया जीवन लेकर बौंला पहुंचीं। जूनियर शिक्षक संघ के सर्वेश्वर प्रसाद सिमल्टी, मीडिया प्रभारी सरोज डिमरी आदि ने बीना के प्रयासों को सराहा है। नैन सिंह ने बताया कि शिक्षिका के प्रयास से ही करिश्मा का उपचार हो सका है।
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