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संस्कृत से होता है व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण
Updated Thu, 06 Sep 2018 10:40 PM IST
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गोपेश्वर/जोशीमठ/घाट। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से जिले में ब्लाक स्तरीय दो दिवसीय संस्कृत प्रतियोगिता बृहस्पतिवार से शुरू हुई। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने समूह गान, समूह नृत्य, नाटक, वाद-विवाद, आशु भाषण और श्लोकोच्चारण का प्रदर्शन किया।
जीआईसी ग्वाड़-देवलधार में सांसद प्रतिनिधि रघुवीर सिंह बिष्ट और जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा से व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण होता है। इसलिए समाज को संस्कृत भाषा की विशेष आवश्यकता है। प्रतियोगिता के संयोजक लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी ने बताया कि प्रतियोगिता में जीआईसी नंदप्रयाग, अलकापुरी, टंगसा, गोपेश्वर, जीजीआईसी गोपेश्वर, एसजीआरआर गोपेश्वर, जीआईसी माणा-घिंघराण, निजमूला, गौंणा, हरमनी, संस्कृत महाविद्यालय मंडल, बैरागना, नेशनल पब्लिक स्कूल गोपेश्वर, कन्या हाईस्कूल नैग्वाड़, जूनियर हाईस्कूल नैल-कुडाऊ की 78 टीमों ने प्रतिभाग किया। संचालन ऋषिराम बहुगुणा ने किया। जोशीमठ में बदरीनाथ वेद वेदांग स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में आयोजित संस्कृत प्रतियोगिता में ब्लॉक के 12 विद्यालयों के 400 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने किया। प्राचार्य रामदयाल मैंदुली ने बताया कि शुक्रवार को प्रतियोगिता का फाइनल होगा। इधर, जीआईसी घाट में हुई संस्कृत प्रतियोगिता में जीआईसी व जीजीआईसी घाट, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, कन्या जूहा स्कूल, राउमावि कुमजुग, जीआईसी बैरासकुंड, सरपाणी, कुंडबगड़ और बांजबगड़ के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर प्रधानाचार्य एलपी सती, देव सिंह नेगी, सीमा पुंडीर आदि मौजूद थे। संचालन शिक्षक केपी मैंदुली ने किया।
संस्कृत समूह गान में जीजीआईसी कर्णप्रयाग
गौचर/नारायणबगड़। राजकीय बालिका इंटर कालेज में आयोजित संस्कृत छात्र प्रतियोगिता के पहले दिन छात्र-छात्राओं ने संस्कृत नाटक, संस्कृत समूह गान और संस्कृत नृत्य प्रतियोगिताओं से संस्कृत भाषा के महत्व और प्रचार पर बल दिया। संस्कृत समूह गान सीनियर वर्ग में राबाइंका कर्णप्रयाग प्रथम रहा जबकि राइंका सिमली द्वितीय और राबाइंका गौचर ने तृतीय स्थान हासिल किया। दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को संजोए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में जिला नियोजन समिति की सदस्य इंदु पंवार, सेवानिवृत्त आचार्य सत्य प्रसाद खंडूड़ी, प्रधानाचार्य केसी चौहान, पीटीए अध्यक्ष अनिल नेगी, भगवती रावत, अनुसूया सोनियाल, गीता कुमारी, निमिलता नेगी, मुन्नी रावत आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के ब्लाक समन्वयक बालकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि कार्यक्रम का समापन शुक्रवार (आज) को किया जाएगा।
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वहीं नारायणबगड़ में आयोजित ब्लाक स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी आरएल रोधियाल ने किया। रोधियाल ने संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी बताते हुए संस्कृत के संरक्षण पर जोर दिया। प्रतियोगिता के पहले दिन समूह गान, संस्कृत नृत्य और नाटक की प्रतियोगिताएं हुईं। प्रतियोगिता में 7 विद्यालयों के 108 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी।
जीआईसी ग्वाड़-देवलधार में सांसद प्रतिनिधि रघुवीर सिंह बिष्ट और जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा से व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण होता है। इसलिए समाज को संस्कृत भाषा की विशेष आवश्यकता है। प्रतियोगिता के संयोजक लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी ने बताया कि प्रतियोगिता में जीआईसी नंदप्रयाग, अलकापुरी, टंगसा, गोपेश्वर, जीजीआईसी गोपेश्वर, एसजीआरआर गोपेश्वर, जीआईसी माणा-घिंघराण, निजमूला, गौंणा, हरमनी, संस्कृत महाविद्यालय मंडल, बैरागना, नेशनल पब्लिक स्कूल गोपेश्वर, कन्या हाईस्कूल नैग्वाड़, जूनियर हाईस्कूल नैल-कुडाऊ की 78 टीमों ने प्रतिभाग किया। संचालन ऋषिराम बहुगुणा ने किया। जोशीमठ में बदरीनाथ वेद वेदांग स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में आयोजित संस्कृत प्रतियोगिता में ब्लॉक के 12 विद्यालयों के 400 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने किया। प्राचार्य रामदयाल मैंदुली ने बताया कि शुक्रवार को प्रतियोगिता का फाइनल होगा। इधर, जीआईसी घाट में हुई संस्कृत प्रतियोगिता में जीआईसी व जीजीआईसी घाट, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, कन्या जूहा स्कूल, राउमावि कुमजुग, जीआईसी बैरासकुंड, सरपाणी, कुंडबगड़ और बांजबगड़ के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर प्रधानाचार्य एलपी सती, देव सिंह नेगी, सीमा पुंडीर आदि मौजूद थे। संचालन शिक्षक केपी मैंदुली ने किया।
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संस्कृत समूह गान में जीजीआईसी कर्णप्रयाग
गौचर/नारायणबगड़। राजकीय बालिका इंटर कालेज में आयोजित संस्कृत छात्र प्रतियोगिता के पहले दिन छात्र-छात्राओं ने संस्कृत नाटक, संस्कृत समूह गान और संस्कृत नृत्य प्रतियोगिताओं से संस्कृत भाषा के महत्व और प्रचार पर बल दिया। संस्कृत समूह गान सीनियर वर्ग में राबाइंका कर्णप्रयाग प्रथम रहा जबकि राइंका सिमली द्वितीय और राबाइंका गौचर ने तृतीय स्थान हासिल किया। दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को संजोए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में जिला नियोजन समिति की सदस्य इंदु पंवार, सेवानिवृत्त आचार्य सत्य प्रसाद खंडूड़ी, प्रधानाचार्य केसी चौहान, पीटीए अध्यक्ष अनिल नेगी, भगवती रावत, अनुसूया सोनियाल, गीता कुमारी, निमिलता नेगी, मुन्नी रावत आदि मौजूद थे। कार्यक्रम के ब्लाक समन्वयक बालकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि कार्यक्रम का समापन शुक्रवार (आज) को किया जाएगा।
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वहीं नारायणबगड़ में आयोजित ब्लाक स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी आरएल रोधियाल ने किया। रोधियाल ने संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी बताते हुए संस्कृत के संरक्षण पर जोर दिया। प्रतियोगिता के पहले दिन समूह गान, संस्कृत नृत्य और नाटक की प्रतियोगिताएं हुईं। प्रतियोगिता में 7 विद्यालयों के 108 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा शुक्रवार को की जाएगी।