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खाने, पानी और दवा के लिए भटकते रहे लोग
Updated Thu, 06 Sep 2018 10:56 PM IST
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कर्णप्रयाग। संशोधन कर बनाए गए एससी-एसटी एक्ट को वापस लेने, जातिगत आरक्षण की समीक्षा करने सहित अन्य मांगों को लेकर बंद कर्णप्रयाग में सफल रहा। सुबह से नगर के सभी प्रमुख बाजार बंद रहे। यहां तक कि ग्रामीण बाजार सिमली और आसपास के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया। बंद के चलते लोग खाने, पानी और यहां तक कि दवा के लिए भी भटकते रहे।उन्होंने तहसील कार्यालय में एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
बृहस्पतिवार को प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार तक जुलूस निकाला और सभा की। सभा में अर्जुन सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह मिंगवाल, संजय रावत, पुष्कर रावत, देवराज रावत, उमेश खंडूड़ी, बृजेश बिष्ट, कैलाश खंडूड़ी और अधिकारी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष प्रकाश नेगी आदि ने कहा कि जातिगत आरक्षण की एक बार समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही उच्च पदों पर आसीन लोगों और सामान्य जाति पहचान बनाने वाली आरक्षण जातियों का आरक्षण समाप्त होना चाहिए। यही नहीं एससी-एसटी एक्ट में आरोप में न्यूनतम एक हफ्ते की जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर कानूनन कार्रवाई होने चाहिए।
बृहस्पतिवार को प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार तक जुलूस निकाला और सभा की। सभा में अर्जुन सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह मिंगवाल, संजय रावत, पुष्कर रावत, देवराज रावत, उमेश खंडूड़ी, बृजेश बिष्ट, कैलाश खंडूड़ी और अधिकारी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष प्रकाश नेगी आदि ने कहा कि जातिगत आरक्षण की एक बार समीक्षा होनी चाहिए। साथ ही उच्च पदों पर आसीन लोगों और सामान्य जाति पहचान बनाने वाली आरक्षण जातियों का आरक्षण समाप्त होना चाहिए। यही नहीं एससी-एसटी एक्ट में आरोप में न्यूनतम एक हफ्ते की जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर कानूनन कार्रवाई होने चाहिए।
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