{"_id":"5b8ac61a42c792464f497dd8","slug":"153582132512compat-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ घंटे तक अवरुद्ध रहा बदरीनाथ हाईवे, क्षेत्रपाल में भी हाईवे दलदल में हुआ तब्दील-compat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ घंटे तक अवरुद्ध रहा बदरीनाथ हाईवे, क्षेत्रपाल में भी हाईवे दलदल में हुआ तब्दील-compat
Updated Sat, 01 Sep 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर परेशानी का सबब बने लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में शनिवार को भी करीब आठ घंटे तक हाईवे अवरुद्ध रहा, जिससे बदरीनाथ धाम जा रहे तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शनिवार सुबह पांच बजे लामबगड़ में भूस्खलन से हाईवे अवरुद्ध हो गया था, जिस पर सुबह करीब दस बजे आवाजाही शुरू हो पाई। करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही होने के बाद यह दोबारा दोपहर 12 बजे मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गया, जो अपराह्न तीन बजे सुचारु हो पाया। हाईवे बंद होने से करीब 80 तीर्थयात्रियों को तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचना पड़ा, जबकि हाईवे खुलने के बाद 455 यात्री अपने वाहनों से धाम के लिए रवाना हुए। 823 तीर्थयात्री दर्शन कर अपने गंतव्य लौट गए।
लामबगड़ में बार-बार हाईवे के बाधित होने से बदरीनाथ की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों के साथ ही हनुमानचट्टी, माणा और समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों को भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, चमोली बाजार से करीब डेढ़ किमी दूर क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन भी वाहनों की आवाजाही में बार-बार खलल पैदा कर रहा है। यहां पहाड़ी से मलबा गिर रहा है, जिससे हाईवे दलदल में तब्दील हो रहा है। मेकाफेरी कंपनी के वरिष्ठ सुपरवाइजर अनूप कंवाण का कहना है कि लामबगड़ में दो जेसीबी और करीब 20 मजदूर तैनात किए गए हैं, जो चट्टान से मलबा और बोल्डर आने पर उन्हें हटाने में लगे हुए हैं। बारिश होने के बाद ही हाईवे पर मलबा और बोल्डर बरस रहे हैं। मौसम ठीक होने के बाद लामबगड़ में ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया जाएगा।
शनिवार सुबह पांच बजे लामबगड़ में भूस्खलन से हाईवे अवरुद्ध हो गया था, जिस पर सुबह करीब दस बजे आवाजाही शुरू हो पाई। करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही होने के बाद यह दोबारा दोपहर 12 बजे मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गया, जो अपराह्न तीन बजे सुचारु हो पाया। हाईवे बंद होने से करीब 80 तीर्थयात्रियों को तीन किमी पैदल चलकर बदरीनाथ धाम पहुंचना पड़ा, जबकि हाईवे खुलने के बाद 455 यात्री अपने वाहनों से धाम के लिए रवाना हुए। 823 तीर्थयात्री दर्शन कर अपने गंतव्य लौट गए।
विज्ञापन
लामबगड़ में बार-बार हाईवे के बाधित होने से बदरीनाथ की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों के साथ ही हनुमानचट्टी, माणा और समीपवर्ती गांवों के ग्रामीणों को भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, चमोली बाजार से करीब डेढ़ किमी दूर क्षेत्रपाल भूस्खलन जोन भी वाहनों की आवाजाही में बार-बार खलल पैदा कर रहा है। यहां पहाड़ी से मलबा गिर रहा है, जिससे हाईवे दलदल में तब्दील हो रहा है। मेकाफेरी कंपनी के वरिष्ठ सुपरवाइजर अनूप कंवाण का कहना है कि लामबगड़ में दो जेसीबी और करीब 20 मजदूर तैनात किए गए हैं, जो चट्टान से मलबा और बोल्डर आने पर उन्हें हटाने में लगे हुए हैं। बारिश होने के बाद ही हाईवे पर मलबा और बोल्डर बरस रहे हैं। मौसम ठीक होने के बाद लामबगड़ में ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन