{"_id":"5b86d47e42c79246344b33fd","slug":"153556286712-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने शासन से की डीएसओ के स्थानांतरण की सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने शासन से की डीएसओ के स्थानांतरण की सिफारिश
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। डीएसओ की ओर से कार्यों में लापरवाही बरतने परे डीएम ने शासन से उनके स्थानांतरण की सिफारिश की है। डीएसओ पर जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रसद आपूर्ति में लापरवाही बरतने, जिलास्तरीय बैठकों में बुलाने के बावजूद प्रतिभाग न करने और समय पर फोन रिसीव न करने जैसे आरोप हैं।
बताया जा रहा है कि जिला पूर्ति अधिकारी शिल्पी शुक्ला ने डीएम को आपदा प्रभावित वाण और ढाडरबगड़ क्षेत्र में पर्याप्त रसद होने की रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन क्षेत्र में एसडीएम की ओर से किए गए निरीक्षण में क्षेत्र में रसद का संकट बताया गया। इस पर डीएम ने शासन से जिला पूर्ति अधिकारी को अन्यत्र भेजने की सिफारिश की।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि डीएसओ के कार्य में लापरवाही उजागर हुई है। वह जिले में कार्य नहीं कर पा रही हैं। शासन से तत्काल उनके स्थानांतरण की सिफारिश की गई है। इधर, डीएसओ शिल्पी शुक्ला का कहना है कि अभी जिले में आए एक माह हुआ है। तब से सरकारी आवास आवंटन करने की मांग कर रही हूं। अब आवास मिला भी तो वह जिला मुख्यालय से पांच किमी दूर है। मैं अस्वस्थ हूं। इसके बावजूद अपना कार्य संभाल रही हूं। मैं स्वयं अपने स्थानांतरण की मांग कर रही हूं।
बताया जा रहा है कि जिला पूर्ति अधिकारी शिल्पी शुक्ला ने डीएम को आपदा प्रभावित वाण और ढाडरबगड़ क्षेत्र में पर्याप्त रसद होने की रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन क्षेत्र में एसडीएम की ओर से किए गए निरीक्षण में क्षेत्र में रसद का संकट बताया गया। इस पर डीएम ने शासन से जिला पूर्ति अधिकारी को अन्यत्र भेजने की सिफारिश की।
विज्ञापन
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि डीएसओ के कार्य में लापरवाही उजागर हुई है। वह जिले में कार्य नहीं कर पा रही हैं। शासन से तत्काल उनके स्थानांतरण की सिफारिश की गई है। इधर, डीएसओ शिल्पी शुक्ला का कहना है कि अभी जिले में आए एक माह हुआ है। तब से सरकारी आवास आवंटन करने की मांग कर रही हूं। अब आवास मिला भी तो वह जिला मुख्यालय से पांच किमी दूर है। मैं अस्वस्थ हूं। इसके बावजूद अपना कार्य संभाल रही हूं। मैं स्वयं अपने स्थानांतरण की मांग कर रही हूं।
विज्ञापन