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ओआईएमटी में हुई अनियमितताओं की होगी जांच
Updated Wed, 29 Aug 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (ओआईएमटी) के निदेशक डॉ. राजुल दत्त और प्रभारी प्रमोद उनियाल ने मंगलवार को संस्थान में किए जा रहे सुधार कार्यों को लेकर प्रेसवार्ता की। चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित प्रेस क्लब में आयोजित वार्ता में ओआईएमटी संस्थान के प्रभारी प्रमोद उनियाल ने बताया कि संस्थान में गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अहम फैसले लिए गए हैं, जिसमें निवर्तमान प्रबंध समिति के समय हुई अनियमितताओं की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व में लिए गए एकतरफा फैसले के तहत निलंबित किए गए प्राध्यापकों को बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा छात्रों से मनमाना व अतिरिक्त फाइन लिए जाने पर भी रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान की पहली प्राथमिकता शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार की रहेगी। इसके साथ ही संस्थान में इंडस्ट्रीज एक्सपर्ट आमंत्रित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को लिखित ज्ञान के साथ ही प्रयोगात्मक ज्ञान भी प्राप्त हो सके।
उन्होंने बताया कि संस्थान में आंतरिक गुणवत्ता सुधार, यूजीसी मानकों के अनुसार महिला शिकायत , समर ट्रेनिंग, वर्कशॉप और प्लेसमेंट, छात्रों के लिए अनुशासन की अलग-अलग कमेटी गठित की जाएंगी, जिसमें संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापक को नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही प्रबंधन की ओर से संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा। इस दौरान डॉ. राजेश मनचंदा, कैलाश जोशी, देवप्रिय दास, रोशन रतू़ड़ी, मनोज बिष्ट, मनीष डिमरी आदि मौजूद थे।
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उन्होंने बताया कि पूर्व में लिए गए एकतरफा फैसले के तहत निलंबित किए गए प्राध्यापकों को बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा छात्रों से मनमाना व अतिरिक्त फाइन लिए जाने पर भी रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान की पहली प्राथमिकता शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार की रहेगी। इसके साथ ही संस्थान में इंडस्ट्रीज एक्सपर्ट आमंत्रित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को लिखित ज्ञान के साथ ही प्रयोगात्मक ज्ञान भी प्राप्त हो सके।
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उन्होंने बताया कि संस्थान में आंतरिक गुणवत्ता सुधार, यूजीसी मानकों के अनुसार महिला शिकायत , समर ट्रेनिंग, वर्कशॉप और प्लेसमेंट, छात्रों के लिए अनुशासन की अलग-अलग कमेटी गठित की जाएंगी, जिसमें संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापक को नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही प्रबंधन की ओर से संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा। इस दौरान डॉ. राजेश मनचंदा, कैलाश जोशी, देवप्रिय दास, रोशन रतू़ड़ी, मनोज बिष्ट, मनीष डिमरी आदि मौजूद थे।
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