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टपकती छत के नीचे भविष्य संवार रहे नौनिहाल
Updated Thu, 23 Aug 2018 12:45 AM IST
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टपकती छत के नीचे भविष्य संवार रहे नौनिहाल
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। चौदहबीघा राजीवग्राम स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नौनिहाल इन दिनों टपकती छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन और छत के कारण बच्चों के सिर पर खतरा भी मंडरा रहा है। वहीं शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग व प्रशासन इस समस्या की ओर गौर नहीं कर रहा है।
मुनिकीरेती के चौदहबीघा राजीवग्राम स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भवन जीर्णशीर्ण स्थिति में है। बारिश के दौरान क्लासरूम में पानी टपकता है। इससे क्लासरूम अक्सर पानी भर जाता है। वहीं छत का प्लास्टर लगातार उखड़ रहा है। ऐसे में बच्चों को जान जोखिम डालकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। यही हालात विद्यालय के रसोईघर का भी है। रसोईघर की हालत भी बेहद खराब है। भोजन माता निर्मला बिजल्वाण का कहना है कि बरसात के दिनों में भोजन पकाने में काफी परेशानी होती है। छत से पानी टपकने के कारण खाना खराब होती है। प्रधानाध्यापक रेखा रानी का कहना है कि शिक्षा विभाग व प्रशासन को विद्यालय की स्थिति के बाबत कई बार लिखित व मौखिकतौर पर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। चौदहबीघा राजीवग्राम स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नौनिहाल इन दिनों टपकती छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन और छत के कारण बच्चों के सिर पर खतरा भी मंडरा रहा है। वहीं शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग व प्रशासन इस समस्या की ओर गौर नहीं कर रहा है।
मुनिकीरेती के चौदहबीघा राजीवग्राम स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भवन जीर्णशीर्ण स्थिति में है। बारिश के दौरान क्लासरूम में पानी टपकता है। इससे क्लासरूम अक्सर पानी भर जाता है। वहीं छत का प्लास्टर लगातार उखड़ रहा है। ऐसे में बच्चों को जान जोखिम डालकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। यही हालात विद्यालय के रसोईघर का भी है। रसोईघर की हालत भी बेहद खराब है। भोजन माता निर्मला बिजल्वाण का कहना है कि बरसात के दिनों में भोजन पकाने में काफी परेशानी होती है। छत से पानी टपकने के कारण खाना खराब होती है। प्रधानाध्यापक रेखा रानी का कहना है कि शिक्षा विभाग व प्रशासन को विद्यालय की स्थिति के बाबत कई बार लिखित व मौखिकतौर पर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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