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श्रावण मेला बीच में छोड़ गायब हुए विभाग

Wed, 22 Aug 2018 02:16 AM IST
Updated Wed, 22 Aug 2018 02:16 AM IST
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श्रावण मेला बीच में छोड़ गायब हुए विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। श्रावण मास के नीलकंठ कांवड़ मेले को आधे में छोड़कर कई विभाग नीलकंठ से गायब हो गए हैं। यहां तक कि मेले की मॉनिटरिंग करने वाला राजस्व महकमा स्वयं मेला क्षेत्र से करीब सप्ताह भर पूर्व नदारद हो गया है। महकमे के जिम्मेदार अफसर मेला व्यवस्थाओं को एक ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के सुपुर्द करके चलते बने। जबकि श्रावण मास में सीधे तौर पर 27 अगस्त तक तीर्थयात्रियों की आमद होनी है। खासबात यह है कि मेला क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा की भी अनदेखी की जा रही है। नीलकंठ से पुलिस व पीएसी को भी हटा दिया गया है और प्राचीन शिवधाम की यात्रा को चंद पीआरडी व होमगार्डों के भरोसे छोड़ दिया गया है।
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नीलकंठ मंदिर समिति की ओर से श्रावण यात्रा को लेकर जिला प्रशासन से 27 जुलाई गुरुपूर्णिमा पर्व से लेकर 27 अगस्त तक व्यवस्थाएं करने को कहा गया था, लेकिन मगर जिस राजस्व महकमे को मेला क्षेत्र में अन्य विभागों से व्यवस्थाएं कराने के साथ ही मॉनिटरिंग करनी थी, वही विभाग मेला क्षेत्र से निर्धारित तिथि से 11 दिन पहले यानि बीती 16 अगस्त से गायब है।
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आलम यह है कि बीते पांच दिनों से नीलकंठ मेला क्षेत्र, स्वर्गाश्रम-नीलकंठ पैदल मार्ग पर पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है, जिसके कारण हर रोज पैदल मार्ग से नीलकंठ धाम के दर्शन को जा रहे तीर्थयात्रियों को प्यासा भटकना पड़ रहा है। इतना ही नहीं नीलकंठ के आसपास के गांवों की जलापूर्ति भी पांच दिनों से पूरी तरह से बाधित है। जिला प्रशासन की ओर से श्रावण यात्रा के दौरान 24 घंटे पेयजल पंपिंग व जलापूर्ति का दावा किया गया था, लेकिन जिस जल संस्थान की कोटद्वार डिवीजन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उक्त महकमा बीते 13 अगस्त सोमवार से मेला क्षेत्र से नदारद है।
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बीते सोमवार को शिवालय में हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने से व्यवस्थाएं बनाने में तमाम तरह की दिक्कतें आई। नीलकंठ मंदिर समिति के सचिव धन सिंह राणा, समाजसेवी शोभाराम रतूड़ी, अवनीश नौटियाल की मानें तो प्रशासन को 27 जुलाई से 27 अगस्त तक मेला व्यवस्थाएं जुटाने को कहा गया था, मगर राजस्व विभाग समेत कई महत्वपूर्ण महकमे सप्ताह भर से मेलाक्षेत्र से नदारद हैं, जबकि मेले की विधिवत समाप्ति छह दिन बाद होनी है।


नीलकंठ में पांच दिन में आने वाले तीर्थयात्री
16 अगस्त-12,750
17 अगस्त-12,030
18 अगस्त-19,900
19 अगस्त-1,63,000
20 अगस्त-2,72,500

कोट्स
मेला क्षेत्र में 13 अगस्त तक पेयजल सप्लाई के आदेश थे, इसके बाद पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गई है, हालांकि अभी भी नीलकंठ धाम के दर्शन के लिए हजारों यात्री प्रतिदिन पैदल मार्ग से आवागमन कर रहे हैं। गांवों की सप्लाई बंद नहीं की गई है, इस बाबत कोई शिकायत भी नहीं मिली है।
- एएस रावत, अवर अभियंता जल संस्थान कोटद्वार डिवीजन।

श्रावण मेले में अतिरिक्त पेयजल सप्लाई को बंद किया गया है। आसपास के गांवों की नियमित पेयजल आपूर्ति बंद नहीं हुई है, यदि ऐसा है तो इसे दिखवाया जाएगा।
- सुशील कुमार, जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल।
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