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पौराणिक शिव मंदिर में जलाया दो कुंतल का अखंड दीया
Updated Tue, 21 Aug 2018 11:00 PM IST
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पीपलकोटी। हाट गांव के पौराणिक शिव मंदिर में तमिलनाडु से आए स्वामी श्री श्री तिरुज्ञानानंद जी महाराज और उनके भक्तों ने दो क्विंटल घी का अखंड दीया प्रज्जवलित किया। इस दौरान शिव भक्तों ने मंदिर में अखंड रामायण पाठ कर भंडारे का आयोजन किया। मंदिर में तमिलनाडु से करीब बीस श्रद्धालु भी पहुंचे हैं।
हाट गांव छोटी काशी के रूप में प्रसिद्ध है। तमिलनाडु से प्रतिवर्ष स्वामी श्री श्री तिरुज्ञानानंद जी महाराज के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का दल हाट गांव के पौराणिक शिव मंदिर में पूजा कर घी का दीया प्रज्ज्वलित करने पहुंचता है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में तमिलनाडु के एक तीर्थयात्री ने इस शिव मंदिर में तीन साल तक कठोर तप किया था, जिसके बाद वे यहां से अंतर्ध्यान हो गए थे। तभी से यहां पर तमिलनाडु के श्रद्धालु प्रतिवर्ष एक दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कर अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करते हैं। रामचंद्र पर्वत की तलहटी पर बसे इस शिव मंदिर के समीप ही लक्ष्मी नारायण का मंदिर भी स्थित है। इस मौके पर टीके अप्पाची, इंद्रमणि, शांति अप्पाची, पार्वती मुरुगेसु, एस विजय लक्ष्मी, प्रमिला देवी, कृष्णा मुनियम, मुरलीधरन डीपी, हन्नापुरनी सिनिवासगम, सेलवम गणेशन और नरेंद्र पोखरियाल आदि मौजूद थे।
हाट गांव छोटी काशी के रूप में प्रसिद्ध है। तमिलनाडु से प्रतिवर्ष स्वामी श्री श्री तिरुज्ञानानंद जी महाराज के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का दल हाट गांव के पौराणिक शिव मंदिर में पूजा कर घी का दीया प्रज्ज्वलित करने पहुंचता है। कहा जाता है कि प्राचीन समय में तमिलनाडु के एक तीर्थयात्री ने इस शिव मंदिर में तीन साल तक कठोर तप किया था, जिसके बाद वे यहां से अंतर्ध्यान हो गए थे। तभी से यहां पर तमिलनाडु के श्रद्धालु प्रतिवर्ष एक दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कर अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित करते हैं। रामचंद्र पर्वत की तलहटी पर बसे इस शिव मंदिर के समीप ही लक्ष्मी नारायण का मंदिर भी स्थित है। इस मौके पर टीके अप्पाची, इंद्रमणि, शांति अप्पाची, पार्वती मुरुगेसु, एस विजय लक्ष्मी, प्रमिला देवी, कृष्णा मुनियम, मुरलीधरन डीपी, हन्नापुरनी सिनिवासगम, सेलवम गणेशन और नरेंद्र पोखरियाल आदि मौजूद थे।
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