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गौहरीमाफी में पानी घटा, पैदल आर-पार हुये ग्रामीण
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, रायवाला। गौहरीमाफी में सौंग नदी का जलस्तर कम होने पर शुक्रवार को गांव में 15 दिन के बाद आवागमन सुचारु हो गया। बाढ़ के कारण गांव के 300 परिवारों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से लगभग कट गया था। ग्रामीण राफ्ट के सहारे ही आवागमन कर पा रहे थे। उधर, प्रशासन के सौंग नदी में मशीनों के जरिए जलधारा को परिवर्तित करने का काम जारी रखे जाने से गांव में बाढ़ का पानी नीचे उतरने लगा है।
गौहरीमाफी में शुक्रवार को पहली बार सौंग नदी के जलस्तर में कमी दिखी, जिसके चलते अब तक बाधित रास्ते आवागमन के लिए सुचारु हो सके हैं। संपर्क मार्गों पर पानी का स्तर कम होने पर ग्रामीणों ने राहत कैंपों से अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया है। वहीं, उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए आवाजाही में भी कुछ राहत मिल गई है।
ग्राम प्रधान सरिता रतुड़ी ने बताया कि गांव में जलस्तर में गिरावट के बाद ग्रामीण अपने घरों में लौटने लगे हैं। बताया कि जलस्तर कम होने के बाद बाढ़ से क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग साफ दिखाई दे रहे हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को गांव में आवागमन के लिए अस्थायी पुल निर्माण को कहा था, लेकिन अब तक पुल नहीं बन सका। ग्रामीणों को राफ्ट के जरिए ही आवाजाही करनी पड़ रही थी।
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कोट्स
सौंग नदी में मशीनों के जरिए जलधारा परिवर्तन के कार्य से जलस्तर में गिरावट आने लगी है। इसके अलावा गांव में सभी आवश्यक सेवाओें की आपूर्ति भी सुचारु की गई है।
- हरगिरि, उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश।
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गौहरीमाफी में शुक्रवार को पहली बार सौंग नदी के जलस्तर में कमी दिखी, जिसके चलते अब तक बाधित रास्ते आवागमन के लिए सुचारु हो सके हैं। संपर्क मार्गों पर पानी का स्तर कम होने पर ग्रामीणों ने राहत कैंपों से अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया है। वहीं, उन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए आवाजाही में भी कुछ राहत मिल गई है।
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ग्राम प्रधान सरिता रतुड़ी ने बताया कि गांव में जलस्तर में गिरावट के बाद ग्रामीण अपने घरों में लौटने लगे हैं। बताया कि जलस्तर कम होने के बाद बाढ़ से क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग साफ दिखाई दे रहे हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को गांव में आवागमन के लिए अस्थायी पुल निर्माण को कहा था, लेकिन अब तक पुल नहीं बन सका। ग्रामीणों को राफ्ट के जरिए ही आवाजाही करनी पड़ रही थी।
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सौंग नदी में मशीनों के जरिए जलधारा परिवर्तन के कार्य से जलस्तर में गिरावट आने लगी है। इसके अलावा गांव में सभी आवश्यक सेवाओें की आपूर्ति भी सुचारु की गई है।
- हरगिरि, उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश।