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पौधे रोप कर धरती का करें शृृंगार : चिदानंद
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:12 AM IST
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पौधे रोप कर धरती का करें शृृंगार : चिदानंद
ब्यूरो/अमर उजाला/ब्यूरो।
ऋषिकेश/मुनिकीरेती। हरियाली तीज के उपलक्ष्य में सोमवार को वीरपुरखुर्द में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पौधे रोपकर धरती को हरियालीयुक्त बनाने का संदेश दिया गया।
वीरपुरखुर्द में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि के सानिध्य में हरियाली तीज पर्व पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वामी ने हरियाली तीज के महात्म्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरियाली तीज पर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं शृंगार कर मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा अर्चना करती हैं। इस दौरान उन्होंने पौधे रोपकर धरती का शृंगार करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सावन माह हमें प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। जब तक प्रकृति में संतुलन बना रहेगा, तब तक ही मानव जीवन संतुलित रह सकता है। पेड़ों में हमारे जीवन का अस्तित्व समाहित है, पर्यावरण मनुष्य के लिए अमूल्य धरोहर है। इस अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती, हाजी सैय्यद सलमान चिस्ती, उर्वशी खेमका, गायत्री, भवानी, नंदनी, अमित, आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य दीपक शर्मा, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों व देश-दुनिया से आए युवा प्रतिनिधियों ने पौधे रोपे और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ब्यूरो।
ऋषिकेश/मुनिकीरेती। हरियाली तीज के उपलक्ष्य में सोमवार को वीरपुरखुर्द में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पौधे रोपकर धरती को हरियालीयुक्त बनाने का संदेश दिया गया।
वीरपुरखुर्द में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि के सानिध्य में हरियाली तीज पर्व पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वामी ने हरियाली तीज के महात्म्य की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरियाली तीज पर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं शृंगार कर मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा अर्चना करती हैं। इस दौरान उन्होंने पौधे रोपकर धरती का शृंगार करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सावन माह हमें प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। जब तक प्रकृति में संतुलन बना रहेगा, तब तक ही मानव जीवन संतुलित रह सकता है। पेड़ों में हमारे जीवन का अस्तित्व समाहित है, पर्यावरण मनुष्य के लिए अमूल्य धरोहर है। इस अवसर पर साध्वी भगवती सरस्वती, हाजी सैय्यद सलमान चिस्ती, उर्वशी खेमका, गायत्री, भवानी, नंदनी, अमित, आचार्य संदीप शास्त्री, आचार्य दीपक शर्मा, परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों व देश-दुनिया से आए युवा प्रतिनिधियों ने पौधे रोपे और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
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