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सरकारी भूमि पर अवैध सड़क बनाने का आरोप
Updated Sun, 12 Aug 2018 01:12 AM IST
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सरकारी भूमि पर सड़क बनाने का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम सभा कोठार और धमांद के बीच से सरकारी भूमि पर सड़क बनाने पर ग्रामीण मुखर हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में रसूखदारों के संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को सूचित किया। एसडीएम ने ने बताया कि सड़क नहीं बनाई जा रही है, शनिवार को जेसीबी उस मार्ग से गुजर रही थी।
जानकारी के मुताबिक कोठार और धमांद गांव के बीच से सरकारी भूमि का जेसीबी से कटान कर सड़क बनाने की सूचना पर शनिवार को हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी और जेसीबी को रोक लिया। लक्ष्मणझूला थाने से पुलिसकर्मी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जेसीबी से सरकारी भूमि का कटान कर रसूखदारों के लिए अवैध रूप से सड़क बनाई जा रही है। इस दौरान एसडीएम यमकेश्वर किशन सिंह नेेगी को सूचित किया गया। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जेसीबी सड़क नहीं बना रही थी। जेसीबी केवल उक्त मार्ग से गुजर रही थी और इसके लिए जिलाधिकारी से अनुमति ली गई है। वहीं, दिउली ग्रामसभा निवासी सुमति देवी ने प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम सभा कोठार और धमांद के बीच से सरकारी भूमि पर सड़क बनाने पर ग्रामीण मुखर हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में रसूखदारों के संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को सूचित किया। एसडीएम ने ने बताया कि सड़क नहीं बनाई जा रही है, शनिवार को जेसीबी उस मार्ग से गुजर रही थी।
जानकारी के मुताबिक कोठार और धमांद गांव के बीच से सरकारी भूमि का जेसीबी से कटान कर सड़क बनाने की सूचना पर शनिवार को हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी और जेसीबी को रोक लिया। लक्ष्मणझूला थाने से पुलिसकर्मी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जेसीबी से सरकारी भूमि का कटान कर रसूखदारों के लिए अवैध रूप से सड़क बनाई जा रही है। इस दौरान एसडीएम यमकेश्वर किशन सिंह नेेगी को सूचित किया गया। एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जेसीबी सड़क नहीं बना रही थी। जेसीबी केवल उक्त मार्ग से गुजर रही थी और इसके लिए जिलाधिकारी से अनुमति ली गई है। वहीं, दिउली ग्रामसभा निवासी सुमति देवी ने प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
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