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गांव में मलबा घुसने से रातभर अफरा-तफरी में रहे डिडोली गांव के ग्रामीण-compat
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:24 PM IST
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गोपेश्वर। डिडोली गांव में निर्माणाधीन सेमी-मासौं मोटर मार्ग का मलबा गांव में घुसने से ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। मलबे से गांव में दो गोशालाएं क्षतिग्रस्त होने से दो बैल जिंदा दफन हो गए। तीन आवासीय घरों में मलबा घुसने से नुकसान हुआ है।
रविवार को लोनिवि की ओर से जेसीबी के जरिए गांव के ऊपर चट्टान पर अटके मलबे का निस्तारण किया गया। पोखरी ब्लाक के डिडोली गांव में शनिवार रात भारी बारिश होने से निर्माणाधीन सेमी-मासौं सड़क का मलबा बारिश के पानी के साथ गांव में घुस गया। गांव के रमेश चंद्र खाली के मकान के पीछे बड़े-बड़े बोल्डर आ गए। प्रकाश चंद्र सती की गोशाला मलबे में दब गई। ग्रामीणों की मदद से गोशाला में बंधी गाय को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जगदीश चंद्र की गोशाला भी मलबे में दबने से वहां बंधे दो बैल भी मलबे में जिंदा दफन हो गए। यमुना प्रसाद नौटियाल का कहना है कि लोनिवि पोखरी की ओर से सड़क निर्माण के दौरान मलबे को डंपिंग जोन में डालने के बजाय सड़क किनारे फेंक दिया गया, जो बारिश के पानी के साथ गांव में घुस गया है। अब गांव को सड़क से हमेशा के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने गांव के पुनर्वास की मांग उठाई है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि गांव में राजस्व टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया है। ग्रामीणों को भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों में शरण लेने के लिए कहा गया है। लोनिवि की ओर से जेसीबी की मदद से मलबे का निस्तारण किया जा रहा है।
रविवार को लोनिवि की ओर से जेसीबी के जरिए गांव के ऊपर चट्टान पर अटके मलबे का निस्तारण किया गया। पोखरी ब्लाक के डिडोली गांव में शनिवार रात भारी बारिश होने से निर्माणाधीन सेमी-मासौं सड़क का मलबा बारिश के पानी के साथ गांव में घुस गया। गांव के रमेश चंद्र खाली के मकान के पीछे बड़े-बड़े बोल्डर आ गए। प्रकाश चंद्र सती की गोशाला मलबे में दब गई। ग्रामीणों की मदद से गोशाला में बंधी गाय को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जगदीश चंद्र की गोशाला भी मलबे में दबने से वहां बंधे दो बैल भी मलबे में जिंदा दफन हो गए। यमुना प्रसाद नौटियाल का कहना है कि लोनिवि पोखरी की ओर से सड़क निर्माण के दौरान मलबे को डंपिंग जोन में डालने के बजाय सड़क किनारे फेंक दिया गया, जो बारिश के पानी के साथ गांव में घुस गया है। अब गांव को सड़क से हमेशा के लिए खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने गांव के पुनर्वास की मांग उठाई है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि गांव में राजस्व टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया है। ग्रामीणों को भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों में शरण लेने के लिए कहा गया है। लोनिवि की ओर से जेसीबी की मदद से मलबे का निस्तारण किया जा रहा है।
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