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तीर्थनगरी से नीलकंठ तक बम-बम भोले की गूंज
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के तहत शनिवार को प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर में ढाई लाख से अधिक कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में देर रात से ही जलाभिषेक के लिए कांवड़िए लाइनों में लगने शुरू हो गए थे। सुबह कपाट खुलने के साथ ही जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। कांवड़ यात्रा में इस साल में अब तक नौ दिनों में 11 लाख से अधिक श्रद्धालु प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन व जलाभिषेक कर चुके है। शनिवार को तीर्थनगरी में कांवड़ियों ने मोक्षदायिनी में डुबकी लगाकर व गंगा जल भरकर पैदल व यातायात मार्गों से प्राचीन शिवालय की यात्रा शुरू की। उधर नीलकंठ में दर्शनार्थियों के लिए ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। इस दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। कांवड़िए बम बम भोले हर हर महादेव के जयघोष के साथ मणिकूट पर्वत शृंखलाओं को गुंजायमान करते हुए प्राचीन शिवधाम पहुंचे। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार ने बताया कि शाम सात बजे तक 2,24,120 शिवभक्त जलाभिषेक कर चुके थे। उन्होंने बताया कि अब तक नीलकंठ महादेव के दर्शन करने वाले शिवभक्तों की संख्या 11,09,780 पहुंच चुकी है।
झूला पुलों पर रही वन-वे व्यवस्था
कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर शनिवार को थाना मुनिकीरेती पुलिस ने झूला पुलों पर वन-वे व्यवस्था लागू कर दी। इस दौरान नीलकंठ धाम के दर्शन को जाने वाले शिवभक्तों को मुनिकीरेती से तपोवन होते हुए लक्ष्मणझूला की ओर से भेजा गया। जबकि दर्शन कर लौटने वाले यात्रियों को शिवानंद राम झूला से गंतव्य की ओर रवाना किया गया। एकलमार्गीय व्यवस्था लागू होने से खासकर नीलकंठ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। खासकर पैदल यात्रियों को मुनिकीरेती से स्वर्गाश्रम जाने के लिए महज 500 मी. मार्ग की बजाए पांच किलोमीटर नापने पड़े।
कांवड़ मेले के चलते बुधवार तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
कांवड़ मेले में भीड़ के चलते जिलाधिकारी देहरादून एसए मुरुगेशन ने सोमवार से बुधवार तक सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। इसके चलते कांवड़ यात्रा वाले क्षेत्र ऋषिकेश नगर, श्यामपुर और रायवाला में सभी स्कूल- कॉलेज बंद रहेंगे। गौरतलब है कि अगले कुछ दिनों में कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की आमद में बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। जिसके चलते प्रशासन की ओर से बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ऐहतियातन विद्यालयों में तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
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श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के तहत शनिवार को प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर में ढाई लाख से अधिक कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में देर रात से ही जलाभिषेक के लिए कांवड़िए लाइनों में लगने शुरू हो गए थे। सुबह कपाट खुलने के साथ ही जलाभिषेक का सिलसिला सांध्यकालीन आरती के बाद भी जारी रहा। कांवड़ यात्रा में इस साल में अब तक नौ दिनों में 11 लाख से अधिक श्रद्धालु प्राचीन नीलकंठ धाम के दर्शन व जलाभिषेक कर चुके है। शनिवार को तीर्थनगरी में कांवड़ियों ने मोक्षदायिनी में डुबकी लगाकर व गंगा जल भरकर पैदल व यातायात मार्गों से प्राचीन शिवालय की यात्रा शुरू की। उधर नीलकंठ में दर्शनार्थियों के लिए ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। इस दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। कांवड़िए बम बम भोले हर हर महादेव के जयघोष के साथ मणिकूट पर्वत शृंखलाओं को गुंजायमान करते हुए प्राचीन शिवधाम पहुंचे। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रदीप कुमार ने बताया कि शाम सात बजे तक 2,24,120 शिवभक्त जलाभिषेक कर चुके थे। उन्होंने बताया कि अब तक नीलकंठ महादेव के दर्शन करने वाले शिवभक्तों की संख्या 11,09,780 पहुंच चुकी है।
झूला पुलों पर रही वन-वे व्यवस्था
कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर शनिवार को थाना मुनिकीरेती पुलिस ने झूला पुलों पर वन-वे व्यवस्था लागू कर दी। इस दौरान नीलकंठ धाम के दर्शन को जाने वाले शिवभक्तों को मुनिकीरेती से तपोवन होते हुए लक्ष्मणझूला की ओर से भेजा गया। जबकि दर्शन कर लौटने वाले यात्रियों को शिवानंद राम झूला से गंतव्य की ओर रवाना किया गया। एकलमार्गीय व्यवस्था लागू होने से खासकर नीलकंठ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। खासकर पैदल यात्रियों को मुनिकीरेती से स्वर्गाश्रम जाने के लिए महज 500 मी. मार्ग की बजाए पांच किलोमीटर नापने पड़े।
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कांवड़ मेले के चलते बुधवार तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
कांवड़ मेले में भीड़ के चलते जिलाधिकारी देहरादून एसए मुरुगेशन ने सोमवार से बुधवार तक सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। इसके चलते कांवड़ यात्रा वाले क्षेत्र ऋषिकेश नगर, श्यामपुर और रायवाला में सभी स्कूल- कॉलेज बंद रहेंगे। गौरतलब है कि अगले कुछ दिनों में कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों की आमद में बढ़ोतरी की बात कही जा रही है। जिसके चलते प्रशासन की ओर से बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ऐहतियातन विद्यालयों में तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
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