{"_id":"5b61e9ab4f1c1b75568b4be6","slug":"15331434451430-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 अगस्त से होगा मां नंदा लोकजात का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 अगस्त से होगा मां नंदा लोकजात का आयोजन
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
घाट (चमोली)। चमोली जिले की श्री नंदादेवी लोकजात यात्रा 30 अगस्त से शुरू होगी। यात्रा का आयोजन 25 दिनों तक होगा। समिति ने यात्रा का रोडमैप तैयार कर लिया है। यात्रा के तहत बधाण की मां नंदा सिद्धपीठ कुरुड़ से प्रस्थान कर विभिन्न गांवों का भ्रमण कर 23 सितंबर को अपने ननिहाल देवराड़ा पहुंचेंगी, जबकि दशोली की मां नंदा की डोली 16 सितंबर को नंदा सप्तमी की पूजा के बाद सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से रवाना होंगी और विभिन्न गांवों का भ्रमण कर बालपाता पहुंचेंगी। सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर की समिति लोकजात यात्रा की तैयारियों में जुट गई है।
नंदा देवी लोकजात समिति के संरक्षक शूरवीर रौतेला और अध्यक्ष मंशा राम गौड़ ने बताया कि 30 अगस्त को सिद्धपीठ कुरुड़ में पूजा-अर्चना के बाद दशोली की मां नंदा की डोली फरखेत, नारंगी, रामणी आदि गांव होते हुए 16 सितंबर को बुग्याल क्षेत्र बालपाटा पहुंचेगी। यहां नंदा सप्तमी पूजन के बाद रात्रि प्रवास के लिए देव डोली रामणी गांव पहुंचेगी। वहीं, बधाण की मां नंदा की डोली 30 अगस्त को सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से प्रस्थान कर चरबंग, मथकोट, उस्तोली आदि गांव होते हुए 15 सितंबर को गैरोली पातल पहुंचेगी। यहां छंतोली पूजन कर देवी की डोली 16 सितंबर को वेदनी कुंड में सप्तमी पूजा करने के बाद अपने ननिहाल देवराड़ा पहुंचेगी। मां नंदा छह माह तक अपने ननिहाल में ही प्रवास करेंगी।
नंदा देवी लोकजात समिति के संरक्षक शूरवीर रौतेला और अध्यक्ष मंशा राम गौड़ ने बताया कि 30 अगस्त को सिद्धपीठ कुरुड़ में पूजा-अर्चना के बाद दशोली की मां नंदा की डोली फरखेत, नारंगी, रामणी आदि गांव होते हुए 16 सितंबर को बुग्याल क्षेत्र बालपाटा पहुंचेगी। यहां नंदा सप्तमी पूजन के बाद रात्रि प्रवास के लिए देव डोली रामणी गांव पहुंचेगी। वहीं, बधाण की मां नंदा की डोली 30 अगस्त को सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से प्रस्थान कर चरबंग, मथकोट, उस्तोली आदि गांव होते हुए 15 सितंबर को गैरोली पातल पहुंचेगी। यहां छंतोली पूजन कर देवी की डोली 16 सितंबर को वेदनी कुंड में सप्तमी पूजा करने के बाद अपने ननिहाल देवराड़ा पहुंचेगी। मां नंदा छह माह तक अपने ननिहाल में ही प्रवास करेंगी।
विज्ञापन