{"_id":"5b5a33594f1c1b49748b7146","slug":"153263803316-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में जीजा को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या में जीजा को आजीवन कारावास की सजा
Updated Fri, 27 Jul 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने पत्नी से अवैध संबंध के शक में साले की हत्या करने के मामले में आरोपी जीजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
24 अक्तूबर 2016 की रात को अर्जुन पुत्र मोती लाल प्रजापति निवासी छतरपुर मध्यप्रदेश हाल निवासी नीना मिश्रा फॉर्म रामपुर सहसपुर ने अपने साले राजाराम पुत्र रती राम निवासी ग्राम रोरा थाना लहचूरा जिला झांसी हाल निवासी रामपुर थाना सहसपुर के घर में घुसकर उसके भाई छत्रपाल की हत्या कर दी थी। घटना के समय राजाराम रात्री ड्यूटी पर फैक्ट्री गया हुआ था। घर में उसकी बहन चंदा और भाई छत्रपाल ही मौजूद थे। चंदा ने अपने पति अर्जुन को हथोड़ी से छत्रपाल की हत्या करते हुए देख लिया था। जिसके बाद अर्जुन चंदा को धमकी देकर मौके से फरार हो गया था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से रक्त रंजित चादर बरामद की थी। मामले में 25 अक्तूबर को राजाराम ने अपने जीजा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर धरना में प्रयुक्त हथोड़ी और उसकी खून से सनी कमीज को बरामद कर लिया था। मामले की विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष मुकेश त्यागी और एसआई राज विक्रम सिंह ने की थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र बहुगुणा ने बताया कि मामले में कुल 15 गवाह थे। जिनमें से नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया।
विज्ञापन
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की अदालत ने पत्नी से अवैध संबंध के शक में साले की हत्या करने के मामले में आरोपी जीजा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
24 अक्तूबर 2016 की रात को अर्जुन पुत्र मोती लाल प्रजापति निवासी छतरपुर मध्यप्रदेश हाल निवासी नीना मिश्रा फॉर्म रामपुर सहसपुर ने अपने साले राजाराम पुत्र रती राम निवासी ग्राम रोरा थाना लहचूरा जिला झांसी हाल निवासी रामपुर थाना सहसपुर के घर में घुसकर उसके भाई छत्रपाल की हत्या कर दी थी। घटना के समय राजाराम रात्री ड्यूटी पर फैक्ट्री गया हुआ था। घर में उसकी बहन चंदा और भाई छत्रपाल ही मौजूद थे। चंदा ने अपने पति अर्जुन को हथोड़ी से छत्रपाल की हत्या करते हुए देख लिया था। जिसके बाद अर्जुन चंदा को धमकी देकर मौके से फरार हो गया था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से रक्त रंजित चादर बरामद की थी। मामले में 25 अक्तूबर को राजाराम ने अपने जीजा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर धरना में प्रयुक्त हथोड़ी और उसकी खून से सनी कमीज को बरामद कर लिया था। मामले की विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष मुकेश त्यागी और एसआई राज विक्रम सिंह ने की थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नरेश चंद्र बहुगुणा ने बताया कि मामले में कुल 15 गवाह थे। जिनमें से नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया।
विज्ञापन