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स्थायी राजधानी को लेकर सड़कों पर उतरेगी यूकेडी
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:32 PM IST
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गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण को घोषित करने की मांग के लिए उत्तराखंड क्रांति दल सड़क पर उतरेगी। यहां आयोजित अधिवेेशन में निर्णय लिया गया कि नौ अगस्त को उक्रांद स्थायी राजधानी की मांग को लेकर पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगा। अधिवेशन में दल ने 22 से अधिक प्रस्तावों को चर्चा के बाद पारित किया।
ब्लाक सभागार में आयोजित उक्रांद के 39वें केंद्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन में दल के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि आज प्रदेश की हालत खराब हो गई है। प्रदेश में कानून का नहीं बल्कि शराब, खनन और भू माफियाओं का राज है। अधिवेशन में जंगली जानवरों से किसानों को होने वाले नुकसान, स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने, संविदा और उपनल कर्मियों को नियमित करने, प्रदेश में लगने वाले उद्योगों में 80 प्रतिशत प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने, वन्य जीव अधिनियम में संशोधन करने, उप्र के पास उत्तराखंड की हजारों करोड़ की परिसंपत्तियों को उत्तराखंड को हस्तांतरित करने, डॉक्टरों की नियुक्ति करने सहित प्रदेश में शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने सहित 22 से अधिक प्रस्तावों को आम चर्चा के बाद पारित किया गया। अधिवेशन में संगठन को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। साथ ही बूथ स्तर पर तक संगठन की मजबूती के लिए प्रयास किए जाने की बात कही गई। अधिवेशन में यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट, पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार, संरक्षक बीडी रतूड़ी, केंद्रीय प्रवक्ता सतीश सेमवाल, नारायण सिंह जंतवाल, जगदीश बुधानी, पंकज व्यास, सुनील ध्यानी, अव्वल सिंह, केएल शाह, अर्जुन सिंह, डीके पाल, सत्य प्रकाश सती, किशन रावत, जयप्रकाश उपाध्याय, अरुण शाह और बच्चीराम उनियाल सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
ब्लाक सभागार में आयोजित उक्रांद के 39वें केंद्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन में दल के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि आज प्रदेश की हालत खराब हो गई है। प्रदेश में कानून का नहीं बल्कि शराब, खनन और भू माफियाओं का राज है। अधिवेशन में जंगली जानवरों से किसानों को होने वाले नुकसान, स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने, संविदा और उपनल कर्मियों को नियमित करने, प्रदेश में लगने वाले उद्योगों में 80 प्रतिशत प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने, वन्य जीव अधिनियम में संशोधन करने, उप्र के पास उत्तराखंड की हजारों करोड़ की परिसंपत्तियों को उत्तराखंड को हस्तांतरित करने, डॉक्टरों की नियुक्ति करने सहित प्रदेश में शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने सहित 22 से अधिक प्रस्तावों को आम चर्चा के बाद पारित किया गया। अधिवेशन में संगठन को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। साथ ही बूथ स्तर पर तक संगठन की मजबूती के लिए प्रयास किए जाने की बात कही गई। अधिवेशन में यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट, पूर्व अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार, संरक्षक बीडी रतूड़ी, केंद्रीय प्रवक्ता सतीश सेमवाल, नारायण सिंह जंतवाल, जगदीश बुधानी, पंकज व्यास, सुनील ध्यानी, अव्वल सिंह, केएल शाह, अर्जुन सिंह, डीके पाल, सत्य प्रकाश सती, किशन रावत, जयप्रकाश उपाध्याय, अरुण शाह और बच्चीराम उनियाल सहित कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
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