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नियत तिथि गुजर जाने पर भी नहीं हुए अनिवार्य स्थानांतरण
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:00 PM IST
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गोपेश्वर। शासन ने अनिवार्य स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए दस जून तक की तिथि नियत की थी, लेकिन अभी तक जिला स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है। इससे महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों (एएनएम) और फार्मेसिस्ट में ज्यादा मायूसी है।
चमोली जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में करीब सौ एएनएम तैनात हैं। जोशीमठ, नारायणबगड़, थराली, पोखरी, घाट और देवाल ब्लॉक जिला सबसे दुर्गम श्रेणी में है। स्थानांतरण एक्ट के अनुसार एएनएम को दुर्गम स्थान पर तीन से चार साल तक सेवा देने के बाद अनिवार्य रूप से सुगम स्थानों पर तैनाती दी जानी है। इसी तरह सुगम स्थान वालों का दुर्गम स्थानों पर स्थानांतरण होना अनिवार्य है, लेकिन चमोली जिले में करीब दो दशक से एएनएम दुर्गम और सुगम क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि निदेशालय को एएनएम की सूची भेज दी गई है। स्थानांतरण प्रक्रिया भी वहीं से पूर्ण की जानी है।
चमोली जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में करीब सौ एएनएम तैनात हैं। जोशीमठ, नारायणबगड़, थराली, पोखरी, घाट और देवाल ब्लॉक जिला सबसे दुर्गम श्रेणी में है। स्थानांतरण एक्ट के अनुसार एएनएम को दुर्गम स्थान पर तीन से चार साल तक सेवा देने के बाद अनिवार्य रूप से सुगम स्थानों पर तैनाती दी जानी है। इसी तरह सुगम स्थान वालों का दुर्गम स्थानों पर स्थानांतरण होना अनिवार्य है, लेकिन चमोली जिले में करीब दो दशक से एएनएम दुर्गम और सुगम क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं। सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि निदेशालय को एएनएम की सूची भेज दी गई है। स्थानांतरण प्रक्रिया भी वहीं से पूर्ण की जानी है।
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