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काश्तकार मौसम के हिसाब से खेती में बदलाव
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:00 PM IST
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गोपेश्वर। उत्तराखंड सेवा निधि अल्मोड़ा और नव ज्योति महिला कल्याण संस्थान की ओर से खेती और किसान विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी में खल्ला गांव की महिलाओं ने कहा कि दस सालों से मौसम में लगातार बदलाव आ रहे हैं। बरसात में बारिश कम हो रही है और बेमौसमी बारिश से फसल को नुकसान हो रहा है। ऐसे में मौसम के हिसाब से खेती में भी बदलाव लाया जा सकता है।
नव ज्योति के सचिव एमएस बिष्ट ने कहा कि लगातार घटते उत्पादन के कारण गांवों से पलायन बढ़ रहा है। इसलिए सरकार को इस दिशा में बेहतर कदम उठाने की जरूरत है। खल्ला गांव की महिला मंगल दल अध्यक्ष रेखा देवी ने कहा कि विकास के नाम पर पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है। इसका जलवायु पर असर पड़ रहा है। पेयजल स्रोत कम हो रहे हैं। लिहाजा प्राचीन जलस्रोतों का संरक्षण किया जाएगा। इस मौके पर मनीष बिष्ट, समन्वयक सुमन नेगी, ऊषा, दीपा, कंचन, माहेश्वरी, कमला देवी, कलावती, पुष्पा, लक्ष्मी, शकुंतला, चंद्रकला, दिगंबर सिंह, मनोज आदि मौजूद थे।
गोष्ठी में खल्ला गांव की महिलाओं ने कहा कि दस सालों से मौसम में लगातार बदलाव आ रहे हैं। बरसात में बारिश कम हो रही है और बेमौसमी बारिश से फसल को नुकसान हो रहा है। ऐसे में मौसम के हिसाब से खेती में भी बदलाव लाया जा सकता है।
नव ज्योति के सचिव एमएस बिष्ट ने कहा कि लगातार घटते उत्पादन के कारण गांवों से पलायन बढ़ रहा है। इसलिए सरकार को इस दिशा में बेहतर कदम उठाने की जरूरत है। खल्ला गांव की महिला मंगल दल अध्यक्ष रेखा देवी ने कहा कि विकास के नाम पर पेड़ों का अवैध कटान हो रहा है। इसका जलवायु पर असर पड़ रहा है। पेयजल स्रोत कम हो रहे हैं। लिहाजा प्राचीन जलस्रोतों का संरक्षण किया जाएगा। इस मौके पर मनीष बिष्ट, समन्वयक सुमन नेगी, ऊषा, दीपा, कंचन, माहेश्वरी, कमला देवी, कलावती, पुष्पा, लक्ष्मी, शकुंतला, चंद्रकला, दिगंबर सिंह, मनोज आदि मौजूद थे।
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